फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Unnao: दस हजार रुपये घूस लेते राजकीय कृषि भंडार प्रभारी गिरफ्तार

Wed, 12 Mar 2025 09:06 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव

सार

Unnao News: राजकीय कृषि भंडार प्रभारी को एंटी करप्शन विभाग की टीम ने दस हजार रुपये घूस लेते गिरफ्तार किया है। रोटावेटर के लिए अनुदान दिलाने के नाम पर किसान से घूस मांगने का आरोप है।
विज्ञापन
राजकीय कृषि रक्षा ईकाई प्रभारी अजय सिंह को गिरफ्तार करके ले जाती विजिलेंस टीम - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

एंटी करप्शन विभाग की टीम ने राजकीय कृषि भंडार प्रभारी को दस हजार रुपये घूस लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। रोटावेटर (कृषि यंत्र) के लिए अनुदान दिलाने के नाम पर किसान से घूस मांगी गई थी। औरास ब्लॉक के गेरुवा गांव निवासी ओम प्रकाश ने कृषि विभाग में रोटावेटर के लिए आवेदन किया था। उनका नाम छूट (अनुदान) प्राप्त करने वालों में शामिल था। इसके बाद भी राजकीय कृषि बीज भंडार प्रभारी अजय सिंह कुशवाहा, सत्यापन रिपोर्ट के नाम पर दस हजार रुपये घूस मांग रहे थे। इसकी शिकायत ओमप्रकाश के बेटे ने लखनऊ विजिलेंस से कर दी। बुधवार दोपहर करीब एक बजे चार गाड़ियों से 12 सदस्यीय टीम औरास राजकीय बीज भंडार कार्यालय पहुंची।
विज्ञापन


टीम को पता चला कि प्रभारी अजय सिंह कुशवाहा परिसर के एक कमरे में भोजन करने जा रहे हैं। इस पर सदस्य पीछे लग गए। जैसे ही प्रभारी ने खाना खाने के लिए टिफिन खोला, टीम ने सत्येंद्र को दस हजार रुपये देकर अंदर भेज दिया और प्रभारी ने जैसे ही रुपये लिए, विजिलेंस टीम ने रंगे हाथों उसे दबोच लिया। गिरफ्तार कर ले जाने अजय ने विरोध किया लेकिन टीम ने उन्हें घसीटते हुए गाड़ी में बैठाया और लखनऊ लेकर चली गई।

कन्नौज जिले के मूल निवासी, सात साल से औरास में तैनाती
अजय कुमार कुशवाहा करीब सात साल से औरास विकासखंड में तैनात थे। वह मूलरूप से जनपद कन्नौज के फौआ भट्टा गांव के रहने वाले हैं। उनके पास राजकीय कृषि रक्षा इकाई का भी चार्ज था। जिला कृषि अधिकारी शशांक चौधरी ने बताया कि विजिलेंस की रिपोर्ट आने का इंतजार है। इसके बाद प्रभारी के निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।

 
विज्ञापन

पुलिस को नहीं दिखाया आईकार्ड, नोकझोंक
घूस लेते पकड़े गए कृषि भंडार प्रभारी को विजिलेंस टीम लेकर जाने लगी। इसी दौरान संडीला-चकलवंशी मार्ग ब्लॉक रोड पर औरास थाने के एक दरोगा व कुछ सिपाही चेकिंग कर रहे थे। प्रभारी को खींचते देख पुलिस कर्मियों ने टोका तो टीम के सदस्यों ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। उन्होंने आई कार्ड भी दिखाने से इन्कार कर दिया। इस पर विजिलेंस टीम के सदस्यों और पुलिस कर्मियों के बीच नोकझोंक हो गई।

तीन दिन में घूसखोरी में दरोगा सहित चार सरकारी कर्मचारी पकड़े गए
विजिलेंस व एंटी करप्शन टीम ने पिछले तीन दिन में लगातार चार सरकारी कर्मचारियों को घूसखोरी में पकड़कर हैट्रिक लगा दी। इससे सरकारी कार्यालयों में खलबली मच गई है। 10 मार्च को विजिलेंस ने जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में तैनात रहे लिपिक अमित कुमार व अमित भारती को 30 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा था। 11 मार्च को पुरवा के दरोगा राजेंद्र सरोज को एंटी करप्शन ने पांच हजार रुपये की घूस लेते दबोचा था। वर्ष 2011 से अब तक 21 सरकारी कर्मियों को घूस लेते पकड़ा जा चुका है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें