आठ माह से बिल संशोधन कराने के लिए बिजली निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों के चक्कर लगा रहे ग्रामीण उपभोक्ता का धैर्य जवाब दे गया। सोमवार को वह निगम कार्यालय के सामने सड़क पर बाइक खड़ी की और खुद भी बीच सड़क में लेट गया। यह देख कर्मियों में हड़कंप मचा तो उसके पास जाकर समस्या सुनी। उसे समझा सड़क से उठाया और कार्यालय ले जाकर 63966 हजार का बिल संशोधित करके दे दिया।
बिछिया विकासखंड के गांव दुवा निवासी राजन रावत ने बताया कि पिछले आठ माह से उसका बिल लगातार बढ़कर आ रहा था। वह रोडवेज वर्कशॉप के पास स्थित बिजली निगम के कार्यालय में बिल संशोधन के लिए लगातार हर माह चक्कर लगा रहा था। न तो अधिकारी सुनवाई कर रहे थे और ना ही विभागीय कर्मी। सोमवार को भी जब संशोधन के लिए पहुंचा तो कर्मचारियों ने मंगलवार को आने की बात कहकर टरका दिया। इससे वह परेशान हो गया और आक्रोशित होकर सड़क के बीचो बीच बाइक खड़ी करके लेट गया। इसके बाद कर्मचारी आए और संशोधन करके बिल 2002 रुपये का दे दिया। अब मंगलवार को वह बिल जमा करेगा। मामले में एक्सईएन प्रथम हिमांशु गौतम ने बताया कि मामला उनकी जानकारी में नहीं है। इसकी जांच कराई जाएगी। उपभोक्ता को दौड़ाने में जिन कर्मचारियों की भूमिका पाई जाएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
एसडीओ बिछिया मुख्य अभियंता कार्यालय संबद्ध
बिल संशोधन में लापरवाही बरतने पर एसडीओ बिछिया को दो दिन पहले रायबरेली मुख्य अभियंता कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। एक्सईएन हिमांशु गौतम ने बताया कि एसडीओ बिछिया रहे जसपाल को बिल संशोधन में लापरवाही बरतने पर रायबरेली मुख्य अभियंता कार्यालय में संबद्ध कर दिया गया है। उनके स्थान पर सहायक अभियंता मीटर राहुल अवस्थी को अतिरिक्त चार्ज दिया गया है।