एक युवती को घर से जाने में मदद करने के आरोप से घिरे युवक ने जेल जाने के डर से फंदा लगाकर जान दे दी। परिजनों का आरोप है कि केस में झूठा फंसाए जाने और जेल जाने के डर से उसने खुदकुशी कर ली। औरास थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी 20 साल की युवती 11 जून को परिवार के साथ चंडीगढ़ से अपने गांव आई थी। 12 जून को वह परिजनों को बिना बताए कहीं चली गई थी।
तलाश के दौरान परिजनों को पता चला कि युवती हरदोई के कासिमपुर गांव निवासी निमित नाम के युवक के साथ गई है। युवती के परिजनों का आरोप था कि पड़ोस के गांव पुरथ्यावां निवासी युवक सलीम अहमद (22) और उसके चचेरे भाई शाहरुख ने निमित का युवती को ले जाने में सहयोग किया। पुलिस ने तीनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। शनिवार शाम को औरास थाना पुलिस सलीम और उसके चचेरे भाई शाहरुख के घर गई थी। दोनों के न मिलने पर उनके परिजनों को रविवार को थाने भेजने की हिदायत दी थी।
पुलिस ने परिजनों से सलीम का मोबाइल भी ले लिया था। मृतक के भाई शफीक ने बताया कि सलीम की घटना में कोई संलिप्तता नहीं थी। भाई के मुताबिक, मुकदमे में नामजद होने के बाद पुलिस के घर आकर थाने बुलाने और जेल जाने के डर से सलीम अवसाद में आ गया और खुदकुशी कर ली। रविवार सुबह उसका शव बरामदे में फंदे से लटका मिला।
सलीम अहमद चार भाइयों में तीसरे नंबर का था और अविवाहित था। थानाध्यक्ष रेखा सिंह ने बताया कि लापता युवती की मां की तहरीर पर तीन युवकों पर रिपोर्ट दर्ज हुई थी। सलीम को थाने पूछताछ के लिए भेजने के लिए कहा गया था। शनिवार शाम को युवती की मां और सलीम के परिवार में विवाद हुआ था। उसने सलीम को जेल भिजवाने की धमकी दी थी।
इसी से आहत होकर उसने यह कदम उठा लिया। बताते हैं कि सलीम अहमद के खाते में एक युवक ने ऑनलाइन छह हजार रुपये भेजे थे। सलीम ने युवती को रुपये भी दे दिए थे। रुपये ट्रांसफर करने वाला युवक दूसरे प्रांत का बताया जा रहा है। इसी आधार पर पुलिस ने उसे बुलाया था।