उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के चाचा के खिलाफ सोमवार को जिले की अलग-अलग न्यायालयों में चल रहे सात मुकदमों की सुनवाई हुई। दिल्ली पुलिस कड़ी सुरक्षा में पुलिस वाहन से चाचा को तिहाड़ जेल से लेकर यहां आई। दोपहर 1:30 बजे विभिन्न न्यायालयों में शुरू हुई पेशी की प्रक्रिया शाम पांच बजे तक चली।
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सीबीआई के गवाह यूनुस की बीमारी से मौत होने पर हत्या की झूठी सूचना पुलिस को देने के मुकदमे में अपर सत्र न्यायालय तृतीय ने जमानत मंजूर कर दी। जबकि अभिलेखों में सफेदा लगाने के मुकदमे में मुल्जिम (दुष्कर्म पीड़िता) के बयान न होने से अगली तारीख 26 अगस्त तय की गई है। वहीं पांच अन्य मुकदमों में अगली सुनवाई 30 अगस्त को होगी।
तिहाड़ जेल में बंद विधायक पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली पीड़िता के चाचा को दिल्ली पुलिस के एसीपी कपिल देव सोलंकी के नेतृत्व में कड़ी सुरक्षा में दोपहर करीब 1:30 बजे पुलिस वाहन से जिला सत्र न्यायालय में लाया गया। यहां आरोपी चाचा के परिवार के कुछ लोग पहले से मौजूद थे।
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पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर चाचा को परिजनों से मुलाकात की अनुमति नहीं दी। सीधे न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में पेश किया। यहां उनके खिलाफ दर्ज आर्म्स एक्ट व जीआरपी थाने में दर्ज ट्रेन में लूट के मुकदमे की सुनवाई हुई।
इस मुकदमे में अगली पेशी की तारीख 30 अगस्त तय की गई है। इसके बाद एसीजेएम तृतीय की न्यायालय ले जाया गया। यहां सीबीआई के गवाह यूनुस की हत्या की झूठी सूचना देने और आरोप के चलते शव को कब्र से निकलवाने के मुकदमे में जमानत पर सुनवाई हुई।
चाचा ने बताया कि जिस प्रार्थनापत्र को पुलिस उसका बता रही है, उसने वह कभी न लिखा न पुलिस को दिया। इस पर न्यायाधीश ने इस मुकदमे में जमानत प्रार्थनापत्र को मंजूरी दे दी। इसके बाद गवाह के भाई की ओर से दर्ज कराए गए घर में घुसकर मारपीट व धमकी देने के मुकदमे में सुनवाई हुई। इसमें गवाही की तारीख 30 अगस्त तय की गई।
सोमवार को पीड़िता की फर्जी टीसी के मुकदमे में भी सुनवाई इसी न्यायालय में होनी थी, लेकिन पीड़िता के घायल होने और दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती होने के कारण सुनवाई के लिए अगली तारीख 30 अगस्त दी गई है। वहीं आरोपी विधायक पक्ष की ओर से पीड़िता के चाचा के खिलाफ दर्ज कराए गए जानलेवा हमले के मुकदमे में विवेचक ने सोमवार को चार्जशीट दाखिल की।
इस मुकदमे की सुनवाई भी सत्र न्यायाधीश कोर्ट में 30 अगस्त को होगी। वहीं अभिलेखों में सफेदा लगाने के प्रकरण में सीजेएम के यहां विवेचक ने मुल्जिम के आने पर यहीं बयान लेने का प्रार्थनापत्र दिया था। जिसे निरस्त करते हुए न्यायाधीश ने विवेचक को तिहाड़ जेल जाकर बयान लेने के निर्देश दिए हैं।
इस मामले की सुनवाई 26 अगस्त को होेगी। आरोपी चाचा के अधिवक्ता अजेंद्र अवस्थी ने बताया कि अब पांच मुकदमों की सुनवाई 30 अगस्त व एक मुकदमे की 26 अगस्त को होगी।
खुफिया पुलिस रही तैनात
दुष्कर्म पीड़िता के चाचा की सुरक्षा को लेकर न्यायालय परिसर में सदर कोतवाली, गंगाघाट और महिला थाना पुलिस तैनात रही। सुरक्षा को देखते हुए खुफिया पुलिस को भी लगाया गया। सुबह से ही न्यायालय परिसर भारी पुलिस फोर्स व पीएसी तैनात रही। पेशी के दौरान किसी को पीड़िता के चाचा के आसपास नहीं जाने दिया गया।
गांव गया पीड़िता का परिवार
दुष्कर्म पीड़िता की मां, बहन और भतीजा के अलावा रायबरेली हादसे में मृत मौसी की बेटी भी सोमवार सुबह ट्रेन से उन्नाव पहुंची। यहां से सीआरपीएफ की सुरक्षा में परिवार के सभी सदस्य गांव गए। परिवार के लोग सुबह 7:20 बजे गांव स्थित अपने घर पहुंचे और करीब दो घंटे रुकने के बाद 9:40 बजे न्यायालय के लिए रवाना हुए। लेकिन सुरक्षा कारणों से चाचा से मुलाकात नहीं हो सकी।
चाचा ने न्यायालय में दिया प्रार्थनापत्र
एसीजेएम कोर्ट में चाचा ने वकील के माध्यम से प्रार्थनापत्र दिया कि उसे तिहाड़ जेल में चश्मा, फीतेदार जूते, इलेक्ट्रिक केतली और पढ़ने के लिए किताबें रखने की अनुमति दी जाए। न्यायाधीश ने प्रार्थनापत्र को तिहाड़ जेल अधीक्षक को नियमानुसार कार्रवाई के लिए निर्देशित किया है।