उन्नाव के सफीपुर क्षेत्र में पित्त में पथरी के ऑपरेशन की जगह आंत का ऑपरेशन करने वाले कस्बे के नर्सिंगहोम संचालक को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा है। ऑपरेशन से किशोरी की हालत बिगड़ने पर उसे कानपुर के एक नर्सिंगहोम में भर्ती कराया गया था। इलाज के रुपये खत्म होने पर पिता उसे घर ले आया और 3 मई को नर्सिंगहोम संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। किशोरी का अब हैलट में इलाज चल रहा है।
फतेहपुर चौरासी थाना क्षेत्र के गांव महतरापुर मजरा सूसूमऊ निवासी विश्राम की 16 वर्षीय बेटी मोनी को पित्त में पथरी थी। 30 मार्च को विश्राम ने बेटी को सफीपुर कस्बे के एक नर्सिंगहोम में भर्ती कराया। जहां किशोरी का ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के बाद किशोरी की हालत बिगड़ने पर नर्सिंगहोम संचालक ने उसे कानपुर रेफर कर दिया था। पिता विश्राम ने आरोप लगाया था कि नर्सिंगहोम में डॉक्टरों ने पथरी की जगह आंत का ऑपरेशन कर दिया।
ऑपरेशन के नाम पर उससे 22 हजार रुपये भी जमा कराए गए। पिता की तहरीर पर पुलिस ने 3 मई को नर्सिंगहोम संचालक पर रिपोर्ट दर्ज की थी। सफीपुर कोतवाली प्रभारी अशोक पांडेय ने बताया कि नर्सिंगहोम का संचालक इरशाद अहमद मूलरूप से जौनपुर के किराकत थाना क्षेत्र के सेना गांव का निवासी है। वह यहां उन्नाव सदर कोतवाली के सिंगरोसी में काफी समय से रह रहा था।
बताया कि तहरीर के आधार पर नर्सिंगहोम संचालक को गिरफ्तार किया गया है। नर्सिंगहोम भी अवैध रूप से संचालित होना पाया गया है। ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर व अन्य बिंदुओं पर विवेचना की जा रही है। सीएमओ को भी इसकी रिपोर्ट भेजी गई है। जो भी दोषी पाए जाएंगे कार्रवाई की जाएगी।