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भाजपा विधायक पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली किशोरी के चाचा के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई फिर टली

Thu, 30 May 2019 10:02 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
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कुलदीप सिंह सेंगर
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उन्नाव से भाजपा विधायक पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली किशोरी के चाचा के खिलाफ चल रहे जानलेवा हमले के मुकदमे में गुरुवार को भी बहस नहीं हो पाई। बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष के निधन से अधिवक्ता कार्य से विरत रहे। न्यायाधीश ने मुकदमे की सुनवाई के लिए अगली तारीख 1 जून तय की है।
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वहीं, अभिलेखों से छेड़छाड़ के मुकदमे में विवेचक ने प्रथम दृष्टया किशोरी के चाचा को दोषी पाया है। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी को रिपोर्ट पेश कर न्यायिक अभिरक्षा वारंट की अपील की। न्यायाधीश ने अपील स्वीकार कर ली है। गुरुवार को चाचा को रायबरेली जेल से लाया गया था। मालूम हो कि किशोरी के चाचा पर साल 2000 में पंचायत चुनाव के दौरान विधायक कुलदीप सेंगर के भाई अतुल सेंगर ने जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कराया था।

 

कुलदीप सिंह सेंगर - फोटो : amar ujala
मुकदमे में किशोरी के चाचा व पिता सहित तीन लोग नामित थे। इसमें पिता व एक चाचा के दिवंगत होने से उन्हें आरोप मुक्त कर दिया गया था। जबकि एक चाचा के खिलाफ मुकदमा चल रहा था। न्यायालय ने नवंबर 2018 में उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। इसपर पुलिस ने उसे दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया था।

कोर्ट लगातार इस केस की डायरी पुलिस से मांग रही है। नवीं पेशी में एसओ श्यामकुमार पाल ने सदर कोतवाली में दर्ज मुकदमे में केस डायरी की विवेचना समाहित करने के प्रार्थनापत्र पर एसपी की सहमति का पत्र कोर्ट में पेश किया था। जज ने बचाव पक्ष से बिना केस डायरी के बहस में कोई आपत्ति न होने की बात कही।

 
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कुलदीप सिंह सेंगर
बचाव पक्ष के राजी होने पर 30 मई को बहस की लगाई गई थी, लेकिन पूर्व बार एसोसिएशन अध्यक्ष सतीश कुमार द्विवेदी के निधन से अधिवक्ता कार्य से विरत रहे और मुकदमे में बहस नहीं हो सकी। अभिलेखों से छेड़छाड़ के मुक दमे की विवेचना में विवेचक ने गुरुवार को कोर्ट में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत कर न्यायिक दंडाधिकारी से न्यायिक अभिरक्षा का वारंट बना दिए जाने की अपील की थी।

कोर्ट ने इसकी अनुमति भी दे दी है।  आरोपी के वकील अजेंद्र अवस्थी, महेंद्र सिंह व अशोक द्विवेदी ने बताया कि जानलेवा हमले के मामले में अब 1 जून को बहस होगी। वहीं अभिलेखों से छेड़छाड़ में विवेचक ने किशोरी के चाचा को दोषी मानते हुए रिपोर्ट दी है। विवेचक की अनुमति पर कोर्ट ने उनका न्यायिक अभिरक्षा वारंट भी बना दिया है।
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