उन्नाव जिले के कूटीखेड़ा गांव के सामने शनिवार सुबह आतिशबाजी से भरे झोले लेकर जा रही एक मोपेड ब्रेकर पर उछल गई। इससे विस्फोट होने कारण मोपेड सवार युवक की मौत हो गई। मोपेड पर साथ में बैठी उसकी बहन का दाहिना हाथ उड़ गया।
इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे सीएचसी मौरावां से जिला अस्पताल और फिर कानपुर हैलट अस्पताल रेफर कर दिया गया। विस्फोट की धमक से आसपास के चाय के होटलों में रखे काउंटर के शीशे चटक गए। मोपेड भी क्षतिग्रस्त हो गई। एसडीएम, सीओ और फोरेंसिक टीम ने जांच की।
बछरावां कोतवाली क्षेत्र के हरदोइया गांव निवासी मुस्तकीम का बेटा मुस्लिम (30) बहन सोफिया उर्फ रोशनी (24) के साथ शनिवार सुबह दो झोलों में सुतली बम व आतिशबाजी का अन्य सामान लेकर घर से मोपेड पर सवार होकर निकला।
पांच बजे मौरावां-बछरावां मार्ग पर कूटीखेड़ा मजरे लउवासिंहखेड़ा तिराहे पर अचानक ब्रेकर पर मोपेड उछलने से झोलों में भरी आतिशबाजी तेज धमाके के साथ फट गई। इससे मुस्लिम के शरीर के चीथड़े उड़ गए। मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
पीछे बैठी बहन रोशनी भी गंभीर रूप से घायल हो गई। उसका दाहिना हाथ उड़ गया। एसओ राजेंद्र रजावत मौके पर पहुंचे और अफसरों को जानकारी दी। एसडीएम पुरवा राजेश प्रसाद चौरसिया व सीओ पुरवा रमेशचंद्र प्रलयंकर भी मौके पर पहुंचे।
सड़क पर सुतली बिखरी थी। मृतक के हाथों में भी सुतली के अवशेष धंसे थे। अनुमान लगाया जा रहा है कि आतिशबाजी से ही विस्फोट हुआ। सीओ ने जांच के लिए फोरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया। मृतक की पत्नी राबिया पति का शव देख बेहाल हो गई। पुलिस ने उससे पूछताछ की पर वह कोई जानकारी नहीं दे सकी।
अवैध रूप से करता था आतिशबाजी का धंधा
पुलिस का कहना है कि मुस्लिम अवैध रूप आतिशबाजी का धंधा करता था। आतिशबाजी बिक्री करने के लिए ही वह पुलिस से बचने की मंशा से आतिशबाजी संबंधित खरीददार तक पहुंचाने के लिए भोर पहर निकला था।
मृतक मुस्लिम के पिता मुस्तकीम चूड़ी बेचने का काम करते हैं। मुस्तकीम ने बताया कि उसका बेटा अलग रहता था। उसके पास आतिशबाजी का लाइसेंस नहीं है। पुलिस के अनुसार मुस्लिम अवैध तरीके से आतिशबाजी खरीदने और बेचने का काम करता था।
संभावना जताई कि पुलिस से बचने की मंशा से वह भोर पहर आतिशबाजी बिक्री के उद्देश्य से निकला था। पुलिस के डर से ही उसने पीछे बहन रोशनी को भी मोपेड पर बैठाया था। ताकि महिला को देखकर कोई पुलिस कर्मी उसकी मोपेड को न रुकवाए।
एसओ राजेंद्र रजावत ने बताया कि घटना के वक्त जेसीबी चालक सड़क के दूसरे छोर पर पेट्रोल पंप पर बैठा था। उसके अनुसार ब्रेकर पर मोपेड उछलते ही विस्फोट हो गया। मौरंग की छर्री सड़क के दूसरे छोर पर जाकर उसके पैरों में लगी।
हादसा देख वह कांप गया और शोर मचा पेट्रोल पंप कर्मियों को जानकारी दी। मुस्लिम पांच भाई और बहनों में सबसे बड़ा था। बहन रोशनी की शादी रायबरेली के बछरावां के पश्चिम गांव निवासी रियाज से की थी।
रियाज से अनबन के चलते रोशनी मुस्लिम के घर पर ही कुछ दिनों से रह रही थी। मुस्लिम की पत्नी राबिया ने बताया कि ससुराल वालों से अनबन के कारण वह अपने मायके त्रिपुरारिपुर का पुरवा में भाई के साथ रह रही थी। उसकी दो बेटियां फिजा (8) व आलिया (2) हैं।
दाहिने पैर का पता नहीं चला
विस्फोट में मुस्लिम का दाहिना पैर उड़ गया। पुलिस ने आसपास पैर तलाशने की कोशिश की, लेकिन कुछ मांस के लोथड़ों के अलावा कुछ नहीं मिला। इलाकाई लोगों के अनुसार विस्फोट की गूंज काफी दूर तक सुनी गई।
पेट्रोल पंप की दीवारें हिलीं
विस्फोट के प्वाइंट से पेट्रोल पंप की दूरी महज 30 मीटर थी। पटाखों से विस्फोट से पंप की दीवारें हिल गई। कुछ खिड़कियों के कांच चटक गए।
19 दिन बाद फिर विस्फोट
मौरावां थानाक्षेत्र के प्रसादखेड़ा गांव में 14 सितंबर को खेत में पटाखा फैक्टरी में विस्फोट हुआ था। इसमें अरुण (16) की मौत और चार अन्य किशोर घायल हो गए थे। अभी लोग इस घटना को भुला भी न पाए थे कि 19 दिन बाद दोबारा मौरावां में विस्फोट से दहशत फैल गई।