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UP: बेटी की शादी तय होने से पहले बाप का छूटा साथ... इस राज्य के मालिक के नाम है छह लोगों को कुचलने वाली कार

Mon, 29 Sep 2025 10:32 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, उन्नाव

सार

आर्थिक मदद मिलने के बाद चारों शव का अंतिम संस्कार किया गया। उन्नाव में पेड़ों की छंटाई के दौरान चार श्रमिकों की मौत हुई थी। परिजन ने कहा कि कार और ठेका कंपनी पर भी एफआईआर दर्ज कराएंगे।
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unnao accident - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर शनिवार को डिवाइडर के पौधों की छंटाई कर रहे श्रमिकों को तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी थी। हादसे में चार श्रमिकों की मौत हो गई थी, जबकि दो की हालत गंभीर है। हादसे के बाद डेढ़ घंटे तक एक्सप्रेसवे जाम करने की घटना से पुलिस सतर्क रही। 
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रविवार सुबह ही पुलिस सभी शव का अंतिम संस्कार कराने पहुंची। हालांकि मृतकों के परिजन आर्थिक सहायता के बाद अंतिम संस्कार की बात कहते रहे। इसके बाद एसडीएम ने ठेकेदार एक लाख रुपये और घायलों को को बुलाकर मृतक आश्रितों को पचास-पचास हजार रुपये की आर्थिक सहायता दिलाई।

इसके बाद नानामऊ घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। दोनों घायल श्रमिकों का लखनऊ में इलाज चल रहा है। मालूम हो कि एक्सप्रेसवे पर ढोलउवा गांव के पास शनिवार सुबह नौ श्रमिका पेड़ों की छटाई कर रहे थे। तभी तेज रफ्तार अर्टिगा कार छह श्रमिकों को टक्कर मारते हुए दूसरी लेन में जाकर पलट गई थी।
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टक्कर इतनी तेज थी कि पांच श्रमिक करीब तीस मीटर दूर गिरने के साथ कार दूसरी लेन पर लाकर पलट गई थी। हादसे में राजखेड़ा गांव निवासी मुनेश (43), अतरी गांव के सरवन (30), झब्बाखेड़ा गांव के लवकुश (40) और रामकिशोर (41) की मौत हो गई थी।

टक्कर लगने से राजखेड़ा गांव के राकेश और केशनपाल गंभीर घायल हो गए थे। दोनों घायलों का लखनऊ ट्रामा सेंटर में इलाज चल रहा है। शनिवार रात में ही चारों शव का पोस्टमार्टम कराया गया। एएसपी दक्षिणी प्रेमचंद्र और सीओ संतोष सिंह व अरविंद कुमार चौरसिया मौजूद रहे।


 

रविवार सुबह अंतिम संस्कार से पहले परिजन मुआवजे पर अड़ गए। एटलस कंपनी के ठेकेदार के साथ काम करने वाले भगवंतपुर गोटपाली गांव निवासी सुशील कुमार एसडीएम सफीपुर शिवेंद्र कुमार वर्मा और सीओ संतोष कुमार सिंह के साथ मृतकों के घर पहुंचे और आर्थिक सहायता दी, तो परिजन शांत हुए और 9:30 बजे शव नानामऊ घाट ले जाए गए और अंतिम संस्कार किया गया शनिवार को हादसे के बाद हुए एक्सप्रेसवे पर डेढ़ घंटे जाम और प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस अलर्ट रही।

सीओ संतोष कुमार सिंह ने बताया कि सभी शवों का अंतिम संस्कार करा दिया गया है। गाड़ी नंबर के आधार पर मालिक का पता लगा है, लेकिन अभी आया कोई नहीं है। मृतक के परिजनों की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
 

रामकिशोर और सरवन पर थी परिवार की जिम्मेदारी
हादसे का शिकार हुए रामकिशोर घर के मुखिया थे, वह मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करते थे। अब उनकी मौत से परिवार भी बिखर गया। पत्नी सुनीता को अब बेटे सचिन और रीतेश के पालन-पोषण की जिम्मेदारी सता रही है। इसी तरह सरवन भी परिवार का सहारा था। पति की मौत से पत्नी धारनी देवी के सामने बेटे शिवम (10), सत्यम (6) और पवन (2) के पालन-पोषण की समस्या खड़ी हो गई है।
 

बेटी की शादी तय होने से पहले पिता का छूटा साथ
हादसे में मृत राजखेड़ा निवासी मुनेश की पत्नी रेखा ने बताया कि तीन बच्चों में सोमवती, कोमल और बेटा रौनक है। सोमवती का विवाह हो चुका है। कोमल की शादी की बात चल रही है। नवरात्रि की अष्टमी में फाइनल बातचीत होनी थी। लेकिन यह नहीं पता था कि इसके पहले ही पति हमेशा के लिए छोड़कर चले जाएंगे। पति की मौत के बाद अब शादी की बातचीत कुछ समय के लिए टाल दी गई है।

 

लवकुश की बेटी की फरवरी में तय है शादी
थानाक्षेत्र के झब्बाखेड़ा गांव निवासी लवकुश की भी शनिवार को हादसे में मौत हो गई थी। मृतक की पत्नी दयावती के मुताबिक तीन अगस्त को उसके देवर मुकेश की भी हादसे में मौत हो चुकी है। उस गम से परिवार के लोग निकल भी न पाए थे कि इस घटना ने सभी को पूरी तरह से तोड़कर रख दिया। लवकुश का बेटा आठ दिन पहले पहले ही काम के सिलसिले में गुजरात गया था, पिता की मौत की खबर सुन वह भी घर आया है। दयावती ने बताया कि बेटी रामा की फरवरी महीने में शादी तय है। घर की आर्थिक स्थिति भी सही नहीं है। अब पति की मौत होने से उसके हाथ कैसे पीले होंगे उसे यह चिंता सता रही है।

घटनास्थल के आसपास नहीं है सीसीटीवी कैमरा
एक्सप्रेसवे पर ढोलउवा गांव के पास जिस स्थान पर घटना हुई वहां घटनास्थल से लेकर 15 किलोमीटर के दायरे में कोई भी सीसीटीवी कैमरा नहीं है। ऐसे में टक्कर मारने के बाद चालक वाहन लेकर भाग सकता है। घटना के बाद यूपीडा ने उस स्थान पर सफाई करा दी है। घटनास्थल पर डिवाइडर की करीब पांच मीटर की जाली भी टूटी हुई है। वहां मृतकों के चप्पल, पानी पीने की बोतल भी डिवाइडर पर पड़ी मिली हैं।

 

नंबर के आधार पर अर्टिगा कार फरीदाबाद के दीपक की होने की पुष्टि
चार लोगों की जान लेने वाली अर्टिगा कार काल बनकर सड़कों पर दौड़ रही थी। फरवरी 2021 मॉडल की इस कार के अबतक आठ बार चालान हो चुके हैं। इनमें पांच ओवर स्पीड में और तीन अवैध पार्किग व सिग्नल क्रॉस करने पर। जानकारों का कहना है कि इस कार पर रजिस्ट्रेशन निलंबित होने की कार्रवाई होनी चाहिए थी। 
 
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शनिवार सुबह काम कर रहे छह श्रमिकों को टक्कर मारने वाली कार के मालिक का पता लगाया है। 2021 मॉडल की अर्टिगा कार हरियाणा के फरीदाबाद के शिव कॉलोनी निवासी दीपक कुमार के नाम दर्ज है। जानकारी के लिए पुलिस ने रजिस्ट्रेशन में दर्ज मोबाइल नंबर पर फोन किया तो किसी महिला ने रिसीव किया और पुलिस के बात करने की जानकारी होते ही फोन कट कर दिया।
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