जिला प्रशासन ने सत्यापन रिपोर्ट शासन को भेजी
सर्किल रेट के अनुसार इनकी कीमत दो अरब से अधिक की बताई जा रही है। जिला प्रशासन ने सत्यापन रिपोर्ट शासन को भेजी है। 589 वक्फ संपत्तियों में तहसील सफीपुर में 255, बांगरमऊ में 14, हसनगंज में दो, पुरवा में 156, बीघापुर में एक और तहसील सदर में 161 वक्फ संपत्तियां राजस्व रिकार्ड के अनुसार सरकारी व सार्वजनिक संपत्ति के रूप में दर्ज हैं।
बोर्ड की संपत्तियों में दो गुना से अधिक इजाफा
भूलेख विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक करीब 200 संपत्तियां 35 साल पहले (1989 या इससे पहले) से वक्फ बोर्ड की संपत्ति बताई गईं हैं। वहीं 1995 में तत्कालीन केंद्र सरकार की ओर से वक्फ बोर्डों को जमीन अधिग्रहण के और ज्यादा अधिकार देने के बाद इस बोर्ड की संपत्तियों में दो गुना से अधिक इजाफा हुआ।
सार्वजनिक संपत्तियों का क्षेत्रफल सौ हेक्टेयर से अधिक
वक्फ बोर्डों में दर्ज पाई गईं सार्वजनिक संपत्तियों का क्षेत्रफल सौ हेक्टेयर से अधिक है। इनमें सदर तहसील में 29.948 हेक्टेयर है। पुरवा में 165 हेक्टेयर है। इसी तरह अन्य तहसीलों में भी मिली हैं।
शासन स्तर से वक्फ की जमीनों के सत्यापन के निर्देश कई महीने पहले मिले थे। जिले की सभी छह तहसीलों में कुल 1803 वक्फ संपत्तियों का राजस्व रिकार्ड से मिलान में 589 संपत्तियां राजस्व अभिलेखों में सरकारी व सार्वजनिक उपयोग की भूमि में दर्ज पाई गईं हैं। सभी तहसीलों में जांच के बाद रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। जो भी निर्देश प्राप्त होंगे उस आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। -सुशील कुमार गोंड, एडीएम वित्त एवं राजस्व