फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना से रहे अंजान, शरीर में बन गईं एंटीबॉडीज, हेल्थ केयर वर्करों के बीच भी होगा सीरो सर्वे

Fri, 11 Dec 2020 02:23 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : PTI
विज्ञापन
कानपुर में एक कोरोना मरीज को जब प्लाज्मा थेरेपी के लिए डोनर नहीं मिला तो उसने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के ब्लड ट्रांसफ्युजन विभाग से संपर्क किया। विभाग की नोडल अधिकारी डॉ. लुबना खान ने उसे संपर्क में आए लोगों की जांच कराने की सलाह दी।
विज्ञापन


इसमें ऐसे लोग मिले जिनके खून में कोरोना की एंटीबॉडीज थीं। इन सभी को संक्रमण होकर ठीक भी हो गया था, लेकिन इन्हें भनक तक नहीं लगी। डॉ. खान ने बताया कि एंटीबॉडीज मिलने के बाद प्लाज्मा लेकर मरीज को चढ़ाया गया। थेरेपी के बाद वह ठीक हो गया।

इसी तरह पिछले सप्ताह रूसी वैक्सीन के ट्रायल के लिए मेडिसिन ओपीडी से रैंडम तौर पर चुने गए चार वॉलंटियर की जांच में भी कोरोना की एंटीबॉडीज मिली थीं। ये चारों भी संक्रमण होने पर अंजान रहे और कोरोना विजेता बन गए। शासन के सीरो सर्वे में ऐसे 21.22 फीसदी लोगों में एंटीबॉडीज मिली थीं।
विज्ञापन


इससे कोरोना के खिलाफ लोगों में हर्ड इम्युनिटी विकसित होने के संकेत मिल रहे हैं। इसे देखते हुए ब्लड ट्रांसफ्युजन विभाग ने हेल्थ केयर वर्करों के बीच भी सीरो सर्वे कराने का निर्णय लिया है। इसके तहत सभी स्वस्थ हेल्थ वर्करों के सैंपल लिए जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें