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आस्था की अनोखी तस्वीर: भोले की भक्ति में कीलों की सेज पर 100 किमी का दंडवत तय कर रहा सफर

Sat, 08 Aug 2026 10:36 PM IST
Shikha Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद

सार

सावन में आस्था की अनोखी तस्वीर सामने आई है। शिवभक्त पांचाल घाट से गंगाजल लेकर त्रिलोकीनाथ धाम जा रहे हैं वहीं एक भक्त कीलों की सेज पर 100 किमी का दंडवत सफर तय कर रहा है।
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कीलों की सेज पर दंडवत करता शिवभक्त - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सावन में हर तरफ हर-हर महादेव के जयकारे गूंज रहे हैं। कोई पैदल कांवड़ लेकर भोलेनाथ की भक्ति में लीन है तो कोई गंगाजल लेकर शिवधाम की ओर बढ़ रहा है। इसी बीच पांचाल घाट पर शिवभक्ति की ऐसी अनोखी तस्वीर सामने आई, जिसने राहगीरों को भी ठहरकर देखने पर मजबूर कर दिया। भगवान भोलेनाथ के प्रति समर्पण में एक शिवभक्त कीलों की सेज पर दंडवत करते हुए करीब 100 किलोमीटर की यात्रा पर निकल पड़ा है।
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पांचाल घाट गंगा तट पर सावन के महीने में कांवड़ मेला लगा है। शिव भक्त गंगाजल भरने के लिए इटावा, बरेली, शाहजहांपुर, हरदोई, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, पीलीभीत आदि जिलों से पहुंच रहे हैं। शिवभक्त विशेष गुप्ता पांचाल घाट से गंगाजल भरकर शाहजहांपुर स्थित त्रिलोकीनाथ धाम की ओर निकले हैं। बारिश के बीच रास्ते की कठिनाई और शरीर को होने वाली पीड़ा भी उनके संकल्प को डिगा नहीं पा रही है। विशेष गुप्ता ने इस कठिन दंडवत यात्रा के लिए लकड़ी के तख्ते पर हजारों कीलें लगाई हैं, उसमें छह पहिये लगे हैं।

एक साथी रस्सी के सहारे कील लगे उस तख्ते को करीब एक मीटर आगे खींचता है। इसके बाद विशेष उसी कीलों वाले तख्ते पर लेटकर दंडवत प्रणाम करते हुए आगे बढ़ते हैं। गंगाजल से भरी मटकी को भी अलग पहियों वाले स्टैंड पर रखा है। उन्हें देख कोई हाथ जोड़कर नमन करता है तो कुछ लोग हर-हर महादेव का जयघोष कर उनका हौसला बढ़ाते हैं।

 
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विशेष गुप्ता कहते हैं कि भगवान भोलेनाथ के प्रति आस्था और मनोकामना को लेकर उन्होंने यह कठिन यात्रा शुरू की है। रास्ते में कितनी भी कठिनाई आए, यात्रा पूरी करके ही दम लेंगे। उनकी मनोकामना है कि भगवान भोलेनाथ कृपा करें और रोग से मुक्ति मिले। वहीं, हरदोई के जगदीशपुर के मोनू, अजय, शिवम, गौरव, प्रदीप सहित 12 से अधिक शिव भक्त हाथों में तिरंगा व धर्म ध्वज लेकर 51 लीटर की कलश कांवड़ लेकर जा रहे हैं।
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