उलटबांसी साहित्य में ही हों, यह जरूरी नहीं। आपने कभी उल्टी पेंटिंग के बारे में सुना है। नहीं न, शहर का एक युवा कलाकार ऐसी ही उल्टी पेंटिंग बनाने का हुनर रखता है।
देखि-देखि जिय अचरज होई, यह पद बूझें बिरला कोई, धरती उलटि अकासै जाय, चिउंटी के मुख हस्ति समाय... संत कबीर दास जी की विधा उलट बांसी निराली है। कानपुर यूनिवर्सिटी से फाइन आर्टस् ग्रेजुएट अमित वर्मा शिवराजपुर के रहने वाले हैं। उनकी खासियत है कि वह बखूबी उल्टी पेंटिंग बना लेते हैं। जब वो पेंटिंग कर रहे होते हैं तब सामने खड़े लोगों को पेंटिंग समझ ही नहीं आती। जैसे ही वो काम पूरा कर पेंटिंग सीधी करते हैं लोग आश्चर्य में पड़ जाते हैं।
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जॉनी लिवर के साथ पेंटर अमित
अमित के अनुसार वो स्पीक पेंटिंग भी जानते हैं। गाना सुनते-सुनते वो पेंटिंग तैयार कर लेते हैं। कई बार पांच फीट की पेंटिंग वो पांच मिनट में बना देते हैं।
यूट्यूब रहा साथी
अमित के अनुसार उन्होंने यूट्यूब से स्पीक पेंटिंग के बारे में जाना। कई विदेशी कलाकारों की कला से प्रेरित होकर उन्होंने यह पेंटिंग करना शुरू किया। पिछले चार सालों से स्पीक पेंटिंग कर रहे अमित दिल्ली, मुंबई और देश के अन्य बड़े शहरों में अपनी कला दिखा चुके हैं।
अवार्ड फंक्शन में दिखाई कला
मुंबई में आयोजित हुए कई अवार्ड फंक्शन में अमित ने अपनी कला प्रदर्शित की है। सुनील ग्रोवर, जय भानुशाली जैसे कई सेलेब्स के साथ अमित काम कर चुके हैं। सभी सेलेब्रिटीज अमित की कला देखकर हैरान थे। सोशल मीडिया पर अमित ने अपना चैनल बनाया हुआ जिसमें उनको काफी सरहाना मिलती है।