विदेश में शानदार नौकरी दिलाने के नाम पर हो रही किसी भी प्रकार की ठगी (कबूतरबाजी) रोकने के लिए प्रदेश सरकार ने पहल की है। सरकार उत्तर प्रदेश वित्त निगम (यूपीएफसी) के लखनऊ स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में प्रदेश का पहला ‘माइग्रेशन रिसोर्स सेंटर’ खोलने जा रही है।
तीन महीने में सेंटर शुरू होने की संभावना है। सेंटर में केंद्र सरकार के अप्रवासी मंत्रालय की मदद से विदेश जाने वालों की काउंसलिंग की जाएगी। उन्हें बताया जाएगा कि जिस कंपनी में नौकरी मिली है, उसका वजूद है भी कि नही। कंपनी किस क्षेत्र की है, कहां पर स्थित है। कंपनी की वर्किंग पॉलिसी क्या है।
इसके अलावा ब्रिटेन, अमेरिका, न्यूजीलैंड, सिंगापुर की यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के लिए आवेदन करने वालों को यूनिवर्सिटी संबंधी पूरी जानकारी दी जाएगी। इसके लिए प्रदेश सरकार, केंद्र सरकार से तमाम देशों का डाटा एक्सचेंज करेगी। प्रदेश में कानपुर, लखनऊ, उन्नाव, हरदोई, गोरखपुर, आजमगढ़, बनारस, बलिया सहित तमाम जिलों से बड़ी संख्या में बेरोजगार युवक अच्छी नौकरी की चाह में बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब, ईरान, ईराक आदि देशों में जाते हैं। लेकिन कई मामलों में देखा गया है कि बताई गई नौकरी के नाम पर वे ठगे जाते हैं।
यूपीएफसी के मुख्य प्रबंधक सीएस बग्गा ने बताया कि कई बार देखने में आया है कि इन देशों में नौकरी के नाम पर बड़ी ठगी होती है। मसलन उन्हें जिस कंपनी में काम कराने की जानकारी दी जाती है, वह होती ही नहीं है। इसके अलावा तय वेतन, सुविधाएं भी नहीं मिलती हैं। वहां जाने वालों का पासपोर्ट जब्त कर लिया जाता है। काम के घंटों से अधिक काम कराया जाता है।
एक तरह से उन्हें बंधक बनाकर काम लिया जाता है और पैसा मामूली दिया जाता है। इन दिक्कतों को रोकने के लिए सरकार ने लखनऊ में माइग्रेशन रिसोर्स सेंटर खोलने की तैयारी की है। सेंटर यूपीएफसी के क्षेत्रीय कार्यालय में खोला जाएगा। यह जल्द ही काम शुरू कर देगा।
रिसोर्स सेंटर पर तमाम देशों के महत्वपूर्ण डाटा जैसे बड़ी कंपनियों, यूनिवर्सिटी, स्थानीय प्रशासन से जुड़ी जानकारियां उपलब्ध होंगी। यह डाटा केंद्र सरकार का अप्रवासी मंत्रालय उपलब्ध कराएगा। इसके लिए केंद्र सरकार से बातचीत भी शुरू कर दी गई है।