कानपुर। तकनीकी समझ के साथ उपकरणों के संचालन से उद्योगों में गंभीर दुर्घटनाओं को टाला जा सकता है। इस विषय पर आईआईटी में इंडस्ट्री 360 डिग्री प्रक्रिया सुरक्षा, पर्यावरण-सामाजिक-प्रशासन (ईएसजी) एवं जोखिम प्रबंधन पर कार्यशाला हुई। विशेषज्ञों ने बताया कि जानकारी के अभाव में उपकरण खराब होने, कार्य में बाधा, शोध में विलंब और गंभीर दुर्घटनाएं हो सकती हैं।
आयोजन इंस्टीट्यूट के पीजी एकेडमिक्स एंड कॅरिअर काउंसिल और छात्र संघ की ओर से अनुसंधान एवं विकास अधिष्ठाता कार्यालय के सहयोग से हुआ। मुख्य अतिथि अधिष्ठाता अनुसंधान एवं विकास प्रो. तरुण गुप्ता ने प्रयोगशालाओं में सुरक्षा मानकों के पालन पर जोर दिया।
रीमा मित्तल ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी से होने वाले गंभीर परिणामों की जानकारी दी। तकनीकी सत्रों का संचालन उद्योग विशेषज्ञ राकेश वर्मा और रेखा शर्मा ने किया। कार्यशाला में परिवर्तन प्रबंधन, आपातकालीन प्रतिक्रिया और बो-टाई मॉडल अवधारणाओं पर चर्चा हुई। कार्यशाला में छात्रों, शोधार्थियों और उद्योग विशेषज्ञों ने भाग लिया।