ई-बस चालकों के कौशल पर फिर उठे सवाल
इससे पहले 30 जनवरी की रात टाटमिल चौराहे पर छह लोगों की ई-बस से कुचलकर मौत हो गई थी। नौ लोग घायल हुए थे। ड्राइवर शराब के नशे में था। तब भी ई-बस ड्राइवरों को भर्ती करने की प्रक्रिया पर सवाल उठे थे। शासन-प्रशासन ने इनके कुशल प्रशिक्षण पर जोर दिया। इस बीच 11 फरवरी को दोबारा उसी जगह पर ई-बस से कुचलकर 11 यात्री घायल हुए। हालांकि किसी भी ड्राइवर के लिए विकास नगर में रोडवेज के ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में प्रशिक्षण अनिवार्य कर दिया गया है, लेकिन इस तीसरे हादसे के बाद चालकों के कौशल पर फिर से सवाल उठने लगे हैं।