गंगा प्रदूषण के मसले पर केंद्र सरकार की नीतियों के अनुसार काम नहीं करने वाले संबंधित विभागों की नकेल अब कसी जाएगी। इस बात के संकेत जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने दिए हैं। उमा भारती ने कहा कि अभी तक जो भी दिशा निर्देश उन्होंने गंगा के लिए जारी किया, उसे जल निगम और नगर निगम के जेई भी नजर अंदाज करते आ रहे थे।
अब इन सभी से लिखित में यह पूछा जाएगा कि गंगा को लेकर अभी तक जितने भी निर्देश जारी हुए हैं, उसकी रिपोर्ट बनाकर दें। केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा है कि जो भी अधिकारी, कर्मचारी गंगा प्रदूषण दूर करने के मसले पर लापरवाही दिखाएंगे, उनके खिलाफ भाजपा की प्रदेश सरकार अब सख्त कार्रवाई करेगी, यह सुनिश्चित हो गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अभी तक सपा की सरकार रहने की वजह से गंगा का प्रदूषण घटने के बजाए बढ़ता ही गया है। केंद्र से इसकी आवाज बार बार उठाई गई, लेकिन प्रदेश सरकार लगातार इसे अनसुना करती रही है। अब यह सब नहीं होगा।