फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूसीसी बैंक का लाइसेंस रद

Wed, 28 Jan 2015 03:22 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
तमाम वित्तीय अनियमितताओं और घपले-घोटालों के चलते आरबीआई ने यूनाइटेड कॉमर्शियल कोऑपरेटिव (यूसीसी) बैंक का लाइसेंस रद कर दिया है। मंगलवार को आरबीआई ने इसका आदेश भी जारी कर दिया हैं।
विज्ञापन


इस खबर से शहर के उन हजारों खाताधारकों में खलबली मची है, जिनके करोड़ों रुपये बैंक में जमा हैं। इस सूचना के बाद बैंक प्रबंधन के मौजूदा अधिकारी अपने ठिकानों से गायब हैं।

यूसीसी बैंक के पूर्व सचिव प्रदीप सहाय के कारनामों के चलते बैंक में एक के बाद एक 32 करोड़ रुपये के घोटाले हुए। ये रकम ऐसी संस्थाओं को लोन में दी गई, जिनकी हैसियत न के बराबर थी।
विज्ञापन


इसके अलावा करोड़ों रुपये की रकम रेवड़ी की तरह प्रदीप सहाय के रिश्तेदारों और परिचितों में भी बांटी गई, जो वापसी न होने के चलते डूब गई। यह सब आरबीआई के लगातार ऑडिट और सहकारिता विभाग की निगरानी में होता रहा।

बाद में बैंक की बैलेंस शीट से छह करोड़ रुपये गायब होने के मामले ने तूल पकड़ा तब जाकर रिजर्व बैंक ने जांच शुरू की। इसके बाद बैंक में घपले-घोटालों की पूरी फेहरिस्त सामने आ गई। यह नौबत देख बैंक ने जून-13 में यहां बैंकिंग कारोबार करने पर रोक लगा दी।

इस प्रतिबंध को तीन बार छह-छह माह के लिए बढ़ाया गया। इस अवधि में मौजूदा सचिव विजय शुक्ला से रिजर्व बैंक ने तमाम दस्तावेज मांगे। मगर वे भी इसे उपलब्ध कराने में नाकाम रहे।

इधर बीते माह हाल ही में सहकारिता विभाग ने घोटालों का दोषी पाते हुए पूर्व सचिव प्रदीप सहाय और मैकरॉबर्टगंज के शाखा प्रबंधक संजय चौरसिया को बर्खास्त कर दिया। दोनों के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई है।

आरबीआई के सवालों का कोई माकूल जवाब न मिलने के चलते रिजर्व बैंक के असिस्टेंट जनरल मैनेजर अजित प्रसाद ने 27 जनवरी को आदेश जारी कर यूसीसी बैंक का लाइसेंस रद कर दिया है।
विज्ञापन


इस खबर से बैंक के लगभग 18 हजार ग्राहकों में खलबली मची है, जिनका करीब चालीस करोड़ रुपया बैंक की विभिन्न स्कीमों में जमा है।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें