राजपुर। मौसम बदलने के साथ बुखार का भी ट्रेंड बदल गया है। वायरल की चपेट में आने वालों में भी टाइफाइड, मलेरिया जैसे लक्षण दिख रहे। परेशान होकर वह जांच करा रहे हैं लेकिन रिपोर्ट में कुछ नहीं निकल रहा। परेशान मरीज अस्पतालों के चक्कर लगा रहे हैं। डॉक्टर उन्हें दवा के साथ खान-पान में सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
सीएचसी, पीएचसी में मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ही खून की जांच में भी इजाफा हुआ है। बुखार वाले 50 फीसदी मामलों में मरीजों को वायरल निकल रहा। वहीं टाइफाइड और मलेरिया जैसे लक्षण भी मिल रहे हैं। बुखार ठीक होने के बाद कई दिनों तक शरीर में कमजोरी मरीजों को परेशान कर रही है। शनिवार को राजपुर पीएचसी की ओपीडी 150 से अधिक मरीज इलाज कराने पहुंचे, जिनमें बुखार पीड़ितों की संख्या 80 रही।
बुखार के ज्यादातर मरीजों में टाइफाइड सरीखे लक्षण पाए जा रहे हैं। स्थिति को देखते हुए डॉक्टर इसकी जांच भी करा रहे हैं लेकिन कई मामलों में बुखार पुराना होने के कारण सही स्थिति सामने नहीं आ पा रही है। इसके चलते लक्षणों के आधार पर मरीजों का उपचार करना पड़ रहा है। चिकित्सक डॉ. आशीष मिश्रा ने बताया कि इस मौसम में खान-पान में जरा सी लापरवाही और दूषित जल का सेवन टाइफाइड प्रमुख कारण बन रहा है।
पेट में दर्द, तेज बुखार, सिरदर्द और कमजोरी जैसे लक्षणों के साथ बड़ी संख्या में मरीज ओपीडी पहुंच रहे हैं। ओपीडी में प्राथमिक परीक्षण के बाद डॉक्टरों द्वारा मरीजों के सीबीसी और विडाल टेस्ट कराए जा रहे हैं। इसके अलावा पेट दर्द और त्वचा रोग से भी पीड़ित लोग पहुंच रहे हैं। बाहर के खाद्य पदार्थों से बचने व मास्क पहनने की सलाह दी जा रही है।