फतेहपुर जिले के खागा में अलग-अलग हुए हादसों में दो युवकों की करंट लगने से मौत हो गई। पहला हादसा खागा कस्बे में मंगलवार की रात को हुआ। जबकि दूसरा बुधवार की सुबह भखरने गांव में हुआ। खागा कस्बे के अहरीपर मोहल्ला निवासी सरजू (25) पुत्र रामचरन बाजार में चाय का ठेला लगाता था।
घर में उसके माता-पिता के साथ पत्नी व दो साल की बच्ची है। मंगलवार की रात करीब नौ बजे वह लोहाई गली (माहेश्वरी मार्केट मोड़) के पास चाय बेच रहा था। तभी तेज बारिश होने लगी। बरसात से बचने के लिए वह मोड़ पर स्थित एक घर के चबूतरे पर टीन शेड के नीचे जाकर खड़ा हो गया।
जैसे ही उसने टीन शेड में लगे लोहे के खंभे को हाथ लगाया वैसे ही करंट की चपेट में आने से मौके पर ही दम तोड़ दिया। कुछ देर बाद जब लोगों का ध्यान उस पर गया तो परिजनों को बुलाकर उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन कुछ न हो सका।
दूसरी घटना कोतवाली क्षेत्र के भखरना गांव में हुई। यहां रहने वाले शैलेंद्र तिवारी (27) उर्फ बचुन्नी पुत्र सुरेंद्र नाथ तिवारी बिजली का काम जानता था। सुरेंद्रनाथ का आरोप है कि बुधवार की सुबह रामीपुर गांव के रहने वाले अनिल उसके बेटे को बुलाकर भखरने गांव स्थित अपने नलकूप पर ले गए थे।
जहां उसे बिजली के खंभे में चढ़कर फ्यूज ठीक करने के लिए कहा गया। जैसे ही शैलेंद्र खंभे पर चढ़ा और फ्यूज को छुआ तो वह हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया और नीचे गिर गया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घर में शैलेंद्र की पत्नी प्रीती व दो महीने की बिटिया है।
दरअसल, शैलेंद्र बिजली की तारों को जोड़ने का काम जानता था। वह गांव के एक लाइनमैन के संपर्क में भी था। पिता ने बिजली विभाग के कर्मचारियों के खिलाफ तहरीर दी है। प्रभारी कोतवाली गोविंद सिंह चौहान ने बताया कि प्रकरण की जांच की जा रही है। वहीं खागा एसडीओ बिजली रिंकू सेठ ने बताया कि भखरना गांव का हादसा मृतक की गलती से हुआ है। इसमें विभागीय गलती नहीं है। वह विभागीय कर्मचारी नहीं था।
एसडीएम को ज्ञापन, विभाग से राहत की मांग
सपा प्रदेश कार्यकारिणी में सदस्य रहे परवेज आलम, महिला सभा की जिलाध्यक्ष संगीता राज पासी, अंकित यादव बुधवार को खंभे में उतरे करंट से मरने वाले सरजू के घर अहरीपर मोहल्ले पहुंचे। उन्होंने परिजनों को सांत्वना दी, विभाग से मुआवजे की मांग की। वहीं, सपा नगर अध्यक्ष कलीम शेख ने कार्यकर्ताओं के साथ एसडीएम खागा को करंट से हो रही घटनाओं को लेकर ज्ञापन सौंप। इसमें बिजली से होने वाली घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की गई। इसमें जर्जर तारो को बदलने, लटक रही तारों को ऊंचा करने, खुले में रखे ट्रांसफार्मरों को सुरक्षित करने जैसी मांगे शामिल रहीं। इस मौके पर शिव सिंह यादव, अंशू यादव आदि मौजूद रहे।