गुरसहायगंज कोतवाली में पांच मई 2018 को दर्ज हुए इस मामले में सुनवाई के दौरान गवाही का वक्त आने पर दोनों महिलाएं अपनी बात से मुकर गईं। इस मामले की सुनवाई करते हुए एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट (प्रथम) के न्यायाधीश संजीव कुमार तिवारी ने दोनों महिलाओं को झूठा मुकदमा दर्ज कराने के आरोप में तीन-तीन महीने की कैद की सजा सुनाई। इसके अलावा दोनों से 400-400 रुपये अर्थदंड वसूलने का आदेश भी दिया। जुर्माना न भरने की दशा में 15 दिन की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। इसके बाद दोनों की ओर से पेश हुई जमानत अर्जी खारिज करते हुए दोनों को जेल भेज दिया गया।