फतेहपुर जिले में यमुना में नहाने के दौरान तेज बहाव में डूब रहे किशोर को बचाने में इंटर का छात्र भी डूब गया। ग्रामीण गोताखोरों ने खोजबीन चालू की और करीब एक घंटे बाद दोनों के शव बाहर निकाले गए।
पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम कराया है। चांदपुर थाने के रिठवां गांव के करीब बीस लड़के, लड़कियां रविवार सुबह करीब 10 बजे गांव किनारे यमुना नहाने गए थे। यहां गांव के सुंदरलाल रैदास का बेटा शैलेंद्र रैदास (19) इंटर प्रथम वर्ष का छात्र और रामदास रैदास का बेटा महेंद्र (15) कक्षा सात का छात्र भी गया था।
इन दोनों की यमुना में डूबने से मौत हुई है। शैलेंद्र के साथ ममेरा भाई प्रदीप भी था। प्रदीप ने बताया कि रिठवां गांव के रामकेश की साली रियंका (9), रामकिशोर की बेटी छोटी बिट्टी (10) व शीलू (8) यमुना के भंवर में फंसकर डूबने लगे।
इनको बचाने के लिए शैलेंद्र यमुना में कूद गया। वह बारी-बारी से तीनों को बाहर निकाल लाया। उसके बाद महेंद्र को गहराई में डूबता देखकर पहुंचा। महेंद्र ने शैलेंद्र को पकड़ लिया। तभी शैलेंद्र तेज बहाव के कारण तैर नहीं पाया और वह भी महेंद्र के साथ गहराई में डूब गया।
गोताखोर खुशाली, छोट्टन बाबू, प्रदीप, सौरभ सिंह, शालू की मशक्कत से दोनों का एक घंटे बाद शव मिल सका। थानेदार संदीप तिवारी ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
होनहारों की मौत से रिठवां गांव में मचा कोहराम
अमौली। यमुना में दो लोगों के डूबने से पूरे गांव में कोहराम मच गया। दोनों परिवार के लोग दहाड़ मारकर रोते बिलखते दिखे। सभी की जुबान में शैलेंद्र की बहादुरी के चर्चे रहे। उसने अपनी जान गवांकर तीन बालिकाओं को बचाया।
शैलेंद्र पांच भाइयों में चौथे नंबर का था। घटना से मां छेद्दी का हाल बेहाल हो गया। शैलेंद्र के चार भाई हैं। उधर, दूसरे परिवार के महेंद्र रैदास की मौत से मां फूलमती का हाल बेहाल हो गया। वह भाइयों सचिन, धीरेंद्र, सूरज में तीसरे नंबर का था। दोनों के डूबने की खबर मिलते ही परिवार के लोग यमुना किनारे पहुंच गए थे।