एक साल में दो भाइयों की सड़क दुर्घटना में हुई मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। एक बेटे के दुख को अभी मां-बाप भुला भी नहीं सके थे कि दूसरे जवान बेटे की भी सोमवार की रात को छतरपुर के पास सड़क दुर्घटना में मौत हो गई।
कानपुर शहर के मोहल्ला भटीपुरा निवासी छिकौड़ी उर्फ छक्कू लंबरदार के चार बेटे थे। सबसे छोटा बेटा विक्की अगस्त 2016 को सुबह रामश्री महाविद्यालय से बाइक से लौटते समय राम जानकी महाविद्यालय के पास एक कुत्ते को बाइक से टक्कर मारने के बाद वह सड़क पर दूर जा गिरा था।
खून से लथपथ हालत में उसे मेडिकल कॉलेज झांसी ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई थी। एक साल बाद अगस्त में ही छिकौड़ी लबरदार का दूसरा बेटा शोहराब छतरपुर के पास बाइक के खंभे से टकराने के कारण मौत के मुंह में समा गया।
भटीपुरा निवासी शोहराब, रानू सैय्यद और अनिल रैकवार अच्छे मित्र थे। तीनों दोस्तों ने सोमवार की रात छतरपुर के पास हुई सड़क दुर्घटना में जिंदगी को अलविदा कह दिया। तीनाें दोस्तों की हुई मौत की खबर फैलते ही भारी संख्या में लोग भटीपुरा पहुंच गए सांत्वना देने वालों का तांता लगा रहा।
-दोनों भाइयों को सड़क हादसे ने लीला
-दोनों की बाइक टकराने से हुई मौत