कानपुर। कोतवाली में अधिवक्ता संदीप शुक्ला की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे में आरोपी अखिलेश दुबे और सह आरोपी महिला के खिलाफ विवेचक ने दो और धाराएं बढ़ाई हैं। इन दोनों धाराओं में भी सीजेएम सूरज मिश्रा ने 24 सितंबर तक दोनों की न्यायिक हिरासत मंजूर कर ली है। अब अखिलेश को बढ़ी धाराओं में दोबारा जमानत अर्जी दाखिल करनी पड़ेगी। शुक्रवार को उसकी कोर्ट में पेशी की गई।
संदीप शुक्ला ने कोतवाली में अखिलेश दुबे व पप्पू स्मार्ट समेत दस नामजद लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मुकदमे में रंगदारी वसूलने, गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में अखिलेश व महिला की न्यायिक हिरासत मंजूर हुई थी। अखिलेश को इस मुकदमे में सेशन कोर्ट से जमानत भी मिल चुकी है। विवेचक ने कोर्ट में प्रार्थनापत्र देकर झूठे साक्ष्य देने और किसी को नुकसान पहुंचाने के लिए झूठा आरोप लगाने से संबंधित आईपीसी की धारा 195 व 211 की बढ़ोतरी की थी और दोनों की न्यायिक हिरासत की मांग की थी। कोर्ट ने दोनों को शुक्रवार को जेल से तलब किया था और सुनवाई के बाद दोनों की बढ़ी धाराओं में भी 24 सितंबर तक के लिए न्यायिक हिरासत मंजूर कर ली।
कोर्ट में पेशी के लिए जेल वैन से लाए गए अखिलेश दुबे ने पेशी पर जाने से पहले मीडियाकर्मियों को धमकी दी। हाथ उठाकर बोला कि एक-एक को आईडेंटीफाई कर रहा हूं। वैन के कचहरी पहुंचने पर पुलिसकर्मियों ने अखिलेश को वैन से उतरने के लिए कहा तो वह झल्लाकर बोला कि पहले मीडियाकर्मियों को हटाओ तब वैन से उतरूंगा। मीडियाकर्मी पीछे हुए तो अखिलेश वैन से उतरा और फिर मीडियाकर्मियों को धमकाने लगा। साथ आए पुलिसकर्मी उसे लेकर कोर्ट चले गए।