- पनकी में महिला से समझौता कराने व सचेंडी में किशोर को जूते में पानी पिलाने का मामला
माई सिटी रिपोर्टर
कानपुर। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने शुक्रवार को काम में लापरवाही बरतने पर दो दरोगा लाइन हाजिर कर दिए। पनकी चौकी इंचार्ज आशुतोष दीक्षित पर समझाैता कराने और सचेंडी के रैकेपुर चौकी प्रभारी शैलेश त्रिपाठी पर किशोर को जूते में पानी पिलाने के मामले में तुरंत कार्रवाई न करने पर कार्रवाई की गई है।
पनकी रतनपुर की महिला ई-रिक्शा चालक अर्चना मिश्रा के पास 26 मार्च 2026 को इटावा आयकर विभाग से नोटिस आया। इसमें उनसे 13.26 करोड़ की बोगस सेल परचेज करने और 2.92 करोड़ रुपये की निकासी की डिटेल थी। उन्होंने जानकारी की तो फर्जी फर्म बनाकर 15 करोड़ का लोन कराने का पता चला। उन्होंने क्षेत्र के मामा-भांजे पर आरोप लगाया कि उन्हाेंने लोन दिलाने के नाम पर उनके दस्तावेज लिए थे। उनका बिरहाना रोड स्थित एक्सिस बैंक में खाता खुलवाया था। अर्चना ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की। जांच पनकी चाैकी इंचार्ज को साैंपी गई। इन्होंने दोनों में समझाैता करा दिया। महिला ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की कि चौकी प्रभारी ने जबरदस्ती समझौता करा दिया।
इसी तरह, सचेंडी में भी मामला हुआ था। गांव में किशोर ने मुर्गा बनाकर पीटने, थूक चटाने और जूते में पानी पिलाने का आरोप लगाया था। शिकायत के बाद रैकेपुर चौकी प्रभारी शैलेश त्रिपाठी ने तुरंत कार्रवाई नहीं की। एसीपी की जांच में इस बात की पुष्टि हुई। डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि दोनों चौकी प्रभारियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है।