कानपुर में गर्मी से दो लोगों की मौत गई। पांच लोगों के गुर्दे फेल होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया है। साथ ही डायबिटीज, वायरल संक्रमण, लिवर और हाई ब्लड प्रेशर के रोगियों की तबियत बिगड़ रही है। शरीर में वायरल संक्रमण फैलने से मल्टी आर्गन फेल्योर हो रहा है।
बच्चों में समर डायरिया फैल रहा है। निमोनिया के रोगी भी आ रहे हैं। रावतपुर गांव के रहने वाले राघव (55) की गर्मी लगने से मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि गर्मी लगने से तेज बुखार आया और मुंह सूखने लगा। इसके बाद पेशाब बंद हो गई और बेहोशी आने लगी।
रविवार दोपहर हैलट लाए जहां मौत हो गई। इसी तरह काकादेव के रहने वाले बृजेश कुमार की भी मौत हो गई। वह दस साल से डायबिटीज रोगी थे। उनकी नसों में समस्या पैदा हो गई। साथ ही लिवर में खराबी आ गई थी। उन्हें काकादेव के एक निजी अस्पताल में भर्ती किया गया, उपचार के दौरान मौत हो गई।
मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. जेएस कुशवाहा का कहना है कि क्रोनिक मरीज (जो पहले से रोगग्रस्त हैं) खासतौर पर सतर्क रहें। गर्मी लगने से उनकी स्थिति अधिक बिगड़ सकती है। अपने चिकित्सक से दवा की डोज दुरुस्त करा लें।