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प्रतिस्पर्धा से बच्चों में बढ़ रही ये बीमारी, उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें दबाव न बनाएं

Mon, 10 Jun 2019 02:35 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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डिप्रेशन के शिकार हो रहे बच्चे
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भारतीय बालरोग अकादमी की ‘मिशन उदय’ कार्यशाला में किशोरों में बढ़ते डिप्रेशन का मुख्य कारण प्रतिस्पर्धा बताया गया। इसमें कहा गया कि बच्चों में प्रतिस्पर्धा को लेकर घर वालों के दबाव के कारण डिप्रेशन हो जाता है। इस समस्या के सुलटाने में घरवालों की भूमिका अहम है।
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बच्चों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें लेकिन दबाव न बनाएं। दबाव से नकारात्मकता आती है। सकारात्मक सोच के साथ बच्चों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें जिससे उन्हें तनाव न हो। कार्यक्रम का आयोजन जीटी रोड स्थित एक होटल में किया गया।

इस मौके पर दिल्ली के डॉ. पीयूष गुप्ता ने मिशन उदय में शामिल किए गए रोग एंटी माइक्रोबियल रिसेस्टेंस, लेप्टो स्पायरोसिस, स्क्रब टाइफस, ऑटिज्म, किशोरावस्था अवसाद आदि रोगों के संबंध में बताया। उन्होंने लेप्टो स्पायरोसिस और स्क्रब टाइफस के संबंध में बताया कि इन रोगों में तेज बुखार आता है और कारण पता नहीं चल पाता।
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इसके लिए उन्होंने जांचों के संबंध में बताया। इसके साथ ही बच्चों में पाए जाने ऑटिज्म रोग के संबंध में बताया गया। इस मौके पर मौलाना आजाद मेडिकल कालेज के डॉ. देवेंद्र मिश्र, पूर्व निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. एनसी प्रजापति और ग्वालियर के किशोरावस्था विशेषज्ञ डॉ. अशोक बंगा ने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन अकादमी के सचिव डॉ. आशीष बिस्वास ने किया। इस मौके पर पूर्व डीजीएमई डॉ. वीएन त्रिपाठी, डॉ. एमएम मैथानी, डॉ. आरसी गुप्ता आदि रहे। 
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