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यूपी: अस्पताल में दो नवजातों की मौत, स्टॉफ पर सुविधा शुल्क मांगने व लापरवाही का आरोप लगा काटा हंगामा

Sat, 30 Nov 2019 10:08 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : गूगल
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चित्रकूट में शिवरामपुर सीएचसी में स्टाफ  की लापरवाही के चलते दो नवजात शिशुओं की मौत हो गई। जिससे आक्रोशित परिजनों ने जमकर हंगामा काटा। परिजनों ने आरोप लगाया कि प्रसव के बाद मौजूद स्टाफ ने उनसे रुपये की मांग की। रुपये मिलने में देरी के कारण  बच्चों की बिगड़ी तबियत का इलाज नहीं किया गया। जिससे नवजातों की मौत हुई है। हंगामे की सूचना पर पहुंचे प्रभारी चिकित्साधिकारी ने डयूटीरत स्टाफ पर परिजनों को कार्यवाही का भरोसा देकर किसी तरह मामला शांत कराया है। 
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शिवरामपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में शुक्रवार की सुबह बौना पुरवा की गुड्डन देवी पत्नी रामकरण को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने सीएचसी में भर्ती कराया। इसी दिन देर शाम करीब साढे सात बजे प्रसूता ने शिशु को जन्म दिया। अचानक बच्चे की हालत बिगड़ गई। आनन-फानन इलाज न होने के चलते शिशु ने दम तोड़ दिया।

जिससे आक्त्रसेशित परिजन हंगामा करने लगे। आरोप लगाया कि चिकित्सा स्टाफ  से रुपए को लेकर विवाद हुआ था। रुपए न देने पर शिशु को रेफर नहीं किया। जब उन्होंने रुपए दिए तब कहीं जाकर रेफर बनाया। इस बीच लगातार नवजात बच्चे की स्थिति बिगड़ती गई। हंगामा बढ़ता देख रुपए वापस किया है।

इसी अस्पताल में कुछ देर बाद ही एक और नवजात की मौत हो गई। शुक्रवार की दोपहर को ग्राम तरांव की गर्भवती केता (22) पत्नी अशोक को प्रसव पीड़ा के चलते परिजन सीसीएच शिवरामपुर लेकर आए। जहां गर्भवती को भर्ती किया गया। देर रात प्रसव हुआ। परिजनों ने आरोप लगाया कि प्रसव के दौरान स्टाफ  नर्स की लापरवाही के चलते नवजात शिशु की सही देखभाल नहीं की गई। परिजनों से नगद रुपये की मांग की गई।

रुपये देने के बाद ही जब स्टाफ इलाज करने पहुंचा तब तक शिशु की मौत हो चुकी थी। इसकी जानकारी होने पर परिजन भड़क उठे। परिसर में जमकर हंगामा काटा। रात्रि में तैनात चिकित्सक डॉ. विशाल ने समझाकर मामला शांत किया और सुबह आने की बात कही।

परिजन रात तो किसी तरह गुजारा। शनिवार की सुबह होते ही प्रसूता को लेकर अस्पताल में मौजूद मृत नवजातों के परिजनों ने फिर से हंगामा शुरू कर दिया।
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प्रभारी चिकित्साधिकारी ड़ॉ. राजेश सिंह ने बताया कि जानकारी होते ही वह मौके पर पहुंचे और किसी तरह मामला शांत कराते हुए परिजनों को कार्यवाही का भरोसा दिया है। तीमारदारों ने आरोप लगाया कि सीएचसी में मौजूद स्टाफ  नर्स की लापरवाही के चलते शिशु की मौत हुई है। वार्ड आया ने प्रसव कराया था। प्रसव के समय कोई महिला चिकित्सक मौजूद नहीं थी। स्टाफ  नर्स ने सुविधा शुल्क भी मांगा है। केन्द्र में जच्चा-बच्चा की समुचित देखभाल नहीं की जाती। इस संबंध में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि बच्चे मृत अवस्था में पैदा हुए हैं।

प्रभारी सीएमओ डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि उनके संज्ञान में नहीं है। जानकारी की जाएगी। दोषियों के खिलाफ  कड़ी कार्यवाही होगी। रुपये मांगने के सवाल पर इसकी जांच कराएंगे। दो नवजात की मौत मामले में जांच कमेटी बना दी गई है। प्रथम दृष्टया अस्पताल के प्रभारी ने बताया कि दोनों नवजात कमजोर पैदा हुए थे। इसी से मौत हुई है।
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