जहां आबादी तेजी से बढ़ी, वहां बनेंगे नए सबस्टेशन
आरडीएसएस के तहत केस्को ने 18 नए सबस्टेशनों को बनाने की जरूरत बताई है। ये वे इलाके हैं, जहां आबादी तेजी से बढ़ चुकी है और लोड लगातार बढ़ रहा है। इसके अलावा औद्योगिक क्षेत्र भी शामिल हैं। केस्को के दादानगर डिवीजन में दो, हैरिसगंज में दो, हंसपुरम में दो, किदवईनगर में दो सबस्टेशन बनेंगे।
शहर में 111 सबस्टेशन हो जाएंगे
जरीबचौकी, नवाबगंज, बिजलीघर, जाजमऊ, विकासनगर, वर्ल्ड बैंक बर्रा, नौबस्ता, दहेली सुजानपुर, गुमटी, पराग डेयरी में एक-एक सबस्टेशन बनेंगे। अभी शहर में केस्को के 93 सबस्टेशन हैं। नए बनने के बाद 111 सबस्टेशन हो जाएंगे। इन्हें बनाने के लिए जगह चिह्नित की जा रही है।
पांच गुना कम जगह में बन जाएंगे जीआईएस
केस्को नए प्रस्तावित 18 में पांच जीआईएस यानी गैस इंसुलेटेड सबस्टेशन बना रहा है। दादानगर में दो, जरीबचौकी, बिजलीघर और गुमटी में एक-एक जीआईएस बनेगा। यह आम सबस्टेशन से पांच गुना कम जगह में बन जाता है लेकिन उपकरण महंगे होने से लागत दोगुना से अधिक बढ़ जाती है। दो 10 एमवीए के पॉवर ट्रांसफार्मर वाला सामान्य सबस्टेशन करीब 1500 वर्ग मीटर में बनता है।
रिमोर्ट कंट्रोल से चलने वाला ऑटोमेटिक सबस्टेशन
जीआईएस 300 वर्ग मीटर में बन जाता है। जीआईएस का पॉवर ट्रांसफार्मर तेल नहीं बल्कि गैस से चलता है। इसमें एसएफ-6 (सल्फर हेक्सा फ्लोराइड) गैस होती है। ब्रेकर, पैनल बहुत कम जगह में स्थापित हो जाते हैं। इसके अलावा पूरा सबस्टेशन एक जगह से दूसरी जगह शिफ्ट भी हो जाता है। ट्रांजिट कमान की तरफ रिमोर्ट कंट्रोल से चलने वाला ऑटोमेटिक सबस्टेशन होता है।
केस्को बोर्ड बैठक में इन कामों की मंजूरी
केस्को बोर्ड बैठक में नगर विकास और एडिशनल बिजनेस प्लान से स्वीकृत 82 करोड़ रुपये से सात सबस्टेशनों के पॉवर ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ेगी। पांच एमवीए की जगह 10 एमवीए के ट्रांसफार्मर लगेंगे। इसमें केशवपुरम में दो, हैरिसगंज में दो, आलूमंडी, पराग डेयरी और नौबस्ता में एक-एक सबस्टेशन की क्षमता वृद्धि होगी।
क्षमता वृद्धि से नहीं होगी ट्रिपिंग, लाइनें कम टूटेंगी
अभी पॉवर ट्रांसफार्मर पांच एमवीए का है। आबादी बढ़ने से बढ़ा लोड इस क्षमता को पार करने लगा है। इससे ट्रांसफार्मरों की ट्रिपिंग बढ़ती है। जब क्षमता 10 एमवीए की होगी तो अगले पांच साल साल तक लोड की दिक्कत दूर हो जाएगी। लाइनें भी ओवरलोड से नहीं टूटेंगी। इसके अलावा मोहल्लों में लगने वाले 200 वितरक ट्रांसफार्मर भी खरीदे जाएंगे।
बांस-बल्लियों को हटाकर लगेंगे खंभे
विश्वबैंक बर्रा, कल्याणपुर, जाजमऊ और पनकी रतनपुर केस्को के अधीन आने वाले आउटर के मोहल्लों में अभी बिजली की आपूर्ति के लिए बांस-बल्लियों पर लाइनें दौड़ रही हैं। इनकी जगह खंभे लगाए जाएंगे। आर्मर्ड केबल दौड़ाई जाएगी।
ये काम भी होंगे
बिजली चोरी वाले क्षेत्रों में केस्को खंभे हटाकर अंडरग्राउंड केबल बिछाकर बिजली आपूर्ति करेगा। 20 प्रतिशत से अधिक बिजली चोरी वाले फीडरों से बिजली भूमिगत तरीके से मिलेगी। 1441 किमी भूमिगत केबल डाली जाएगी। अभी तक केस्को साइकिल मार्केट, माल रोड, जीआईसी, चमनगंज, चीनापार्क, बाबूपुरवा सबस्टेशन में भूमिगत केबल से बिजली दे रहा है। यहां पर चोरी रोकने के लिए सर्विस केबल भी जमीन के भीतर सी टाइप पैनल से आकर सीधे घर के बाहर मीटर लगाकर दी जाती है।
18 नए सबस्टेशनों को बनाने के लिए एक हजार करोड़ रुपये का प्रस्ताव आरडीएसएस के तहत तैयार किया गया है। केस्को को 82 करोड़ रुपये से काम कराने की मंजूरी केस्को बोर्ड बैठक में भी मिली है। शहर को बिजली संकट से छुटकारा दिलाने के लिए बड़े पैमाने पर काम हो रहे हैं। -सैमुअल पॉल एन, प्रबंध निदेशक, केस्को