मंदिर, अष्टधातु की प्रतिमाओं की फाइल फोटो
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उत्तर प्रदेश के जालौन में ग्राम अमखेड़ा स्थित प्राचीन रामजानकी मंदिर से चोर बहुमूल्य अष्टधातु की मूर्तियां व दान पेटी चोरी कर ले गए। सुबह मंदिर का ताला टूटा व मूर्तियां नदारत देखकर ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। ग्रामीणों पर सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने छानबीन शुरू की। जालौन इंस्पेक्टर बृजनेश यादव का कहना है कि जल्द से जल्द से खुलासा किया जाएगा। चोरों की तलाश के लिए टीमें लगा दी गई है।
जालौन कोतवाली क्षेत्र के ग्राम अमखेड़ा में रामजानकी का प्राचीन मंदिर है। शनिवार रात करीब आठ बजे बजे मंदिर के पुजारी सर्वेश कुमार उपाध्याय प्रतिदिन की तरह शाम की आरती के बाद मंदिर में ताला लगाकर अपने घर चले गए। देर रात मंदिर में चोरों ने धावा बोल दिया। चोरों मंदिर के दरवाजे का ताला तोड़कर अंदर घुस गए और मंदिर में रखी भगवान श्रीराम, सीता जी व लक्ष्मण जी की बहुमूल्य अष्टधातु की मूर्तियां चोरी कर लीं। साथ ही चोरों ने मंदिर में लगी दानपेटी पर भी हाथ साफ कर दिया।
पुलिस की कार्यशैली से ग्रामीणों में आक्रोश
खाली पड़ा मूर्तियों का सिंहासन
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सुबह जब गांव की महिलाएं पूजा करने मंदिर पहुंची तो उन्होंने तीनों मूर्तियों को गायब देखकर शोर मचाती हुईं बाहर निकलीं। महिलाओं की चीख सुनकर गांव के लोग दौड़कर मंदिर पहुंचे। मूर्तियां चोरी होने पर ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर प्रश्न खड़े कर दिए।
मंदिर के पुजारी ने चोरी की सूचना पुलिस को देते हुए कोतवाली में तहरीर दी। पुजारी की तहरीर पर प्रभारी कोतवाल बृजनेश यादव, एसआई सोबरन सिंह, केशव दयाल आदि फोर्स के साथ मंदिर का मुआयना करने पहुंचे। इंस्पेक्टर का कहना है कि प्रत्येक मूर्ति का वजन 4 से 5 किलो था। चोरों की तलाश में टीमें लगा दी गई है। जल्द ही चोरी का खुलासा किया जाएगा।
दो सौ साल पुराना है मंदिर
ग्राम अमखेड़ा के प्रधान रामशरण दौहलिया की मानें तो यह मंदिर लगभग दो सौ साल पुराना है। इस मंदिर का निर्माण गांव के ही पुनू सलोनिया के पूर्वजों ने कराया था। इस मंदिर में प्रभु श्रीराम, सीता जी व लक्ष्मण जी की अष्टधातु से निर्मित मूर्तियां स्थापित थी।
पुलिस की कार्यशैली से ग्रामीणों में आक्रोश
अमखेड़ा गांव में पहले भी कई चोरी की वारदातें हो चुकी हैं, लेकिन कोतवाली पुुलिस आज तक एक भी चोरी की खुलासा नहीं कर पाई है। इससे चोरों के हौसले दिन प्रतिदिन बुलंद होते जा रहे हैं। वर्ष 2015 में एक ही रात में चोरों ने चार पांच घरों में धावा बोलकर लाखों का माल उड़ाया था। साथ ही चोरों ने ग्रामीणों के साथ मारपीट भी की थी और एक लाइसेंसी बंदूक भी चोरी कर ले गए थे। इस वारदात का खुलासा न होने पर ग्रामीण पहले से ही आक्रोशित थे कि अब मंदिर में चोरी ने उनके गुस्से को चरम पर पहुंचा दिया।