यूपी के महोबा जिले में चरखारी कोतवाली क्षेत्र में 24 घंटे के अंदर कर्ज से बेहाल दो किसानों ने फांसी लगा ली। इनमें एक तो कर्जमाफी योजना की पात्रता श्रेणी में भी था, लेकिन कर्ज माफ नहीं हुआ था। वह ग्रामीण बैंक का केसीसी का 80 हजार रुपये कर्जदार था। दूसरे किसान पर स्टेट बैंक का 1.50 लाख रुपये का कर्ज था। तहसीलदार परशुराम पटेल का कहना है कि आत्महत्या के मामले में परिजनों को कोई लाभ नहीं मिलता, फिर भी जांच के बाद जो संभव होगा, मदद कराई जाएगी।
कर्जमाफी योजना का लाभ न पाने वाले चरखारी कस्बे के अमरगंज मोहल्ले खेमचंद्र (30) ने शनिवार की शाम को घर में ही फंदे से लटककर जान दी। छह बीघे जमीन के मालिक खेमचंद्र ने वर्ष 2010 में तीन बीघा जमीन इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक में गिरवी रखकर 38 हजार का केसीसी बनवाया था। बाद में यह बढ़कर 80 हजार हो गया। परिजनों ने बताया कि कर्जमाफी की पात्रता की श्रेणी में आने के बाद भी लाभ से वंचित खेमचंद्र खासा परेशान रहते थे।