भीटी हवेली गांव में स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश देते डॉ. गणेश प्रसाद
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बिल्हौर। क्षेत्र के अरौल इलाके में डेंगू ने दस्तक दे दी है। तीन दिन में अरौल और भीटी हवेली गांव में डेंगू से दो लोगों की मौत होने से इलाके के लोगों में दहशत है। ग्रामीणों का आरोप है कि अभी तक स्वास्थ्य विभाग ने कोई उचित कदम नहीं उठाया है। वहीं पीएसची के चिकित्सक ने बताया कि वह स्वास्थ्य टीम के साथ दोनों गांवों में गए और स्वास्थ्य कर्मियों को आवश्यक निर्देश दिए। पिछले वर्ष भी अरौल क्षेत्र में बड़ी संख्या में डेंगू के कारण लोगों की मौत हुई थी।
गुरुवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉ. गणेश प्रसाद ने बताया कि अरौल कस्बे में शुभम कटियार (27) पुत्र अवधेश कटियार को कई दिनों से बुखार आ रहा था। परिजनों ने कस्बे में इलाज कराया जब फायदा नहीं हुआ तो लखनऊ ले गए। जहां पर इलाज के दौरान बुधवार रात उसकी मौत हो गई। डॉ. प्रसाद ने बताया कि डेंगू से हुई मौत की सूचना पर वह परिजनों से मिलने पहुंचे थे। परिजनों ने पूछने पर शुभम के डेंगू पाजिटिवहोने की रिपोर्ट दिखाई। शुभम मूलरूप से काजीगंज हसौली के रहने वाले थे और बीते वर्ष उनकी शादी हुई थी, घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
इसी तरह भीटी हवेली गांव निवासी परचून दुकानदार दिलीप कटियार (35) के परिजनों ने पीएचसी चिकित्सक व स्टाफ को बताया कि उन्हें कुछ दिनों से बुखार आ रहा था, जब फायदा नहीं हुआ तो इलाज के लिए कानपुर के एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया। जहां बताया गया कि डेंगू है। डेंगू के कारण बुधवार रात उपचार के दौरान हो गई। ज्ञात रहे कि वर्ष 2019 में क्षेत्र के खाड़ामऊ, पिहानी, अरौल, वरैइनपुरवा, मुनौव्वरपुर, ककवन, बरुआहार सहित कई गांवों में आधा सैकड़ा से अधिक लोगों ने डेंगू के कारण अपनी जान गंवाई थी। डिप्टी सीएमओ व सीएचसी प्रभारी, बिल्हौर डॉ, अरविंद भूषण ने बताया कि अरौल और भीटी हवेली गांव में डेंगू से हुई मौत की जानकारी पर चिकित्सक और अन्य कर्मियों की टीम मौके पर गई थी। खंड विकास अधिकारी से गांव में जलभराव वाले इलाकों में साफ-सफाई कराकर कीटनाशक का छिड़काव करने के लिए पत्र लिखा गया है। साथ ही दोनों गांवों के ग्रामीणों से मच्छरदानी में ही सोने की अपील की गई है। मैं भी शुक्रवार को गांव जाकर लोगों का हालचाल लूंगा।
अरौल कस्बे में मृतक शुभम की रिपोर्ट देखते डॉ. गणेश प्रसाद - फोटो : DEHAT