संक्रामक रोग अस्पताल (आईडीएच) में गंभीर हालत में रेफर किए जा रहे स्वाइन फ्लू के संदिग्ध और पॉजिटिव मरीजों को वेंटीलेटर नहीं मिल रहा है। सोमवार दोपहर ढाई साल की लक्ष्मी की मौत के 24 घंटे के भीतर दो महिलाओं ने भी दम तोड़ दिया। दोनों को वेंटीलेटर की जरूरत थी, लेकिन ऑक्सीजन सिलेंडरों में पर्याप्त प्रेशर न होने के कारण वेंटीलेटर चल ही नहीं पाए। वेंटीलेटर न मिलने के कारण पहले भी तीन मरीज आईडीएच में मर चुके हैं। सीसामऊ के गांधी नगर की मंजुला शुक्ला (28) पत्नी विभू शुक्ला को स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखने के बाद सोमवार देर रात परिजन लेकर हैलट इमरजेंसी पहुंचे। वहां से उसे आईडीएच रेफर कर दिया गया। आईडीएच में काफी देर बाद जूनियर डॉक्टरों ने मंजुला की जांच शुरू की।
मंजुला को तत्काल वेंटीलेटर पर रखने की जरूरत थी, लेकिन जूनियर डॉक्टरों ने न तो किसी सीनियर को बुलाया और न ही वेंटीलेटर शुरू किया। सिर्फ ऑक्सीजन सिलेंडर से इलाज शुरू कर दिया। मंजुला की हालत बिगड़ी तो घर वालों को एंबुबैग थमा दिया गया।
सुबह तकरीबन 11 बजे मंजुला ने तड़पते हुए दम तोड़ दिया। पति ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। मंगलवार तड़के तकरीबन चार बजे बर्रा के तात्या टोपे नगर की शोभना पांडेय (30) पत्नी अजित कुमार को आईडीएच में भर्ती कराया गया था।
उन्हें तत्काल वेंटीलेटर की जरूरत थी लेकिन वेंटीलेटर मिला नहीं। थोड़ी देर बाद ही उन्होंने दम तोड़ दिया। आईडीएच की अव्यवस्था का शिकार हुई मंजुला शुक्ला के सात महीने के बेटे अयान शुक्ला का सोमवार को मुंडन था। अचानक मंजुला की तबियत बिगड़ी।
पति विभू ने बताया कि यदि उसे पता रहता कि आईडीएच में वेंटीलेटर नहीं चल रहा है तो वह पत्नी को कभी यहां नहीं ले आता। उधर, उर्सला में मंगलवार को पहली बार स्वाइन फ्लू के दो संदिग्ध मरीजों को भर्ती किया गया है। इनका सैंपल बुधवार को भेजा जाएगा।
डायरेक्टर मेजर डॉ. आर सक्सेना ने बताया कि चकेरी के जाजमऊ निवासी उमैर (20) पुत्र मुमताज अहमद और रामादेवी के राधेश्याम (55) को भर्ती कराया गया है। इधर, आईडीएच से मंगलवार को स्वाइन फ्लू की जांच के लिए दो मरीजों का सैंपल केजीएमयू लखनऊ भेजा गया है। इनमें एक विजित और दूसरी मंजुला हैं।