स्वाइन फ्लू खौफ से परेशान छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स ने मंगलवार को पहले कक्षाओं का बहिष्कार किया, फिर जो कक्षाएं चल रही थीं, उन्हें जबरन बंद करा दिया। इसे लेकर शिक्षक और स्टूडेंट्स के बीच तीखी कहासुनी भी हुई।
नाराज स्टूडेंट्स ने कुलपति प्रो. जेवी वैशंपायन के दफ्तर का घेराव किया। एकेडमिक भवन के बाहर धरना- प्रदर्शन करके यूनिवर्सिटी बंद करने की मांग की। कुलपति की कार भी रोकने की कोशिश की। स्टूडेंट्स का कहना था कि कुछ स्टूडेंट में स्वाइन फ्लू के लक्षण मिले हैं।
यूनिवर्सिटी नहीं बंद हुई तो ज्यादातर स्टूडेंट्स इसकी चपेट में आ जाएंगे। स्टूडेंट्स ने कॉलेज बंद करने की मांग की है। स्वाइन फ्लू की बढ़ती घटनाओं से स्टूडेंट्स चिंतित हैं। एचबीटीआई के बाद मंगलवार को यूनिवर्सिटी कैंपस के स्टूडेंट्स ने भी यूनिवर्सिटी बंद करने की मांग की है।
स्टूडेंट्स ने सुबह 10 बजे से ही बीबीए, बीसीए, बीटेक, एमबीए, बीएससी बायोटेक सहित तमाम डिपार्टमेंट्स की कक्षाओं का बहिष्कार कर दिया। कक्षा बंद कराने को लेकर ही बीसीए के शिक्षक ओंकार से स्टूडेंट्स की नोकझोंक भी हुई है।
मुंह पर मास्क लगाकर प्रदर्शन करने वाले स्टूडेंट्स का कहना था कि यूनिवर्सिटी बंद की जाए। ऐसा न होने से कक्षा का बहिष्कार और प्रदर्शन जारी रहेगा। मुख्य गेट पर धरना-प्रदर्शन करके स्टूडेंट्स ने कहा कि स्वाइन फ्लू का वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पहुंचता है। ऐसे में सावधानी बरतनी जरूरी है।
यूनिवर्सिटी बंद होने के बाद स्टूडेंट्स घर चले जाएंगे। छुट्टी के बाद लौटेंगे तो स्वाइन फ्लू का प्रकोप कम हो जाएगा। हालांकि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने स्टूडेंट्स की मांग नहीं मानी है। आंदोलनकारियों से कहा है कि फ्लू के लक्षण वाले स्टूडेंट्स के नाम, पते दिए जाएं। इससे नाराज स्टूडेंट्स ने आंदोलन और तेज करने की हिदायत दी है।
यूनिवर्सिटी कैंपस में स्वाइन फ्लू का कोई केस नहीं मिला है। स्टूडेंट्स को गुरुवार को बुलाया गया है। स्वाइन फ्लू से पीड़ित स्टूडेंट का नाम, पता मांगा गया है। अफवाह पर यूनिवर्सिटी बंद करना ठीक नहीं है। इससे शहरवासियों में दहशत बढ़ेगी, जो कि ठीक नहीं है।
- प्रो. जेवी वैशंपायन, कुलपति सीएसजेएम यूनिवर्सिटी