पत्नी मरणोपरांत होने वाले और तेरहवीं संस्कार करेगी
इसके लिए रात में ही जेसीबी भी मंगवा ली थी, लेकिन परिजन रात में अंतिम संस्कार करने के लिए राजी नहीं हुए। शुक्रवार सुबह हुलासी के शव का खेत में उसके छोटे भाई भोला ने अंतिम संस्कार किया। मृतक के बेटा न होने से पत्नी प्रेमावती, मरणोपरांत होने वाले और तेरहवीं संस्कार करेगी। भाई भोला ने बताया कि परिवार पालने के लिए सिर्फ दस बिस्वा जमीन है। भाई की मौत से भाभी के सामने जीवनयापन का संकट खड़ा हो गया है।
बेटे ने पिता को दी मुखाग्नि, भाई-बहनों की आई जिम्मेदारी
पिता पृथ्वीपाल की मौत की सूचना पर गुजरात में नौकरी करने वाला बड़ा बेटा नरेंद्र शुक्रवार दोपहर को गांव पहुंचा। उसके आने के बाद खेत में शव को उसने मुखाग्नि दी। बेटे ने बताया कि मां सावित्री की करीब 20 साल पहले मौत हो गई थी। उसके बाद वह गुजरात में नौकरी करने चला गया था। पिता के पास तीन बिसुआ जमीन के साथ वह ट्रकों में गिट्टी मौरंग उतारकर भाई इंद्रसेन और बहन अंजली का पालन पोषण करते थे। पिता के जाने के बाद उसके कंधों पर ही भाई-बहनों की जिम्मेदारी बढ़ गई है।
शराब ठेका सील, पड़ोसी गांव का ठेका आठ घंटे बंद रहा
दो श्रमिकों की मौत के बाद उस ठेके को सील कर दिया गया है, जिससे उन्होंने शराब खरीदी थी। वहीं इसी के पास दूसरे गांव का ठेका आठ घंटे बंद रहा। सोहरामऊ के जिस ठेके में जहां से शराब खरीदी गई थी। वहां से पुलिस को मिलावटी शराब मिलने के बाद ठेके से करीब सात किलोमीटर दूर हिम्मतगढ़ के सरकारी देशी शराब ठेके को भी गुरुवार शाम 6:30 बजे से बंद करा दिया गया था। नियमानुसार ठेका सुबह 10 से रात 10 बजे तक और दूसरे दिन सुबह 10 बजे खुलने के आदेश हैं। लेकिन यह ठेका आदेश के चलते दोपहर एक बजे के बाद खोला गया। सेल्समैन संजय कुमार ने बताया कि आदेश के बाद ही ठेका खोला गया है।
जांच में लखनऊ व जिले के अलग-अलग स्थानों की मिली शराब
एसपी सिद्धार्थ शंकर मीना ने बताया कि सोहरामऊ स्थित जिस ठेके से शराब ली गई थी। वहां जांच की गई तो अलग-अलग स्थानों की शराब की मिली है, जो कि नियमत: गलत है। एसपी के मुताबिक लखनऊ की एक कैंटीन के पांच पौवे, उन्नाव के अलग-अलग दुकानों से लिए गए तीन पौवे, बांगरमऊ से चार और अचलगंज के रसूलपुर स्थित शराब ठेके से लिए गए तीन पौवे बरामद हुए हैं।
सोहरामऊ और अजगैन क्षेत्र के होटलों में हो रही थी जमकर बिक्री
शराब ठेकों में तो अवैध तरीके से शराब बिक ही रही थी। साथ ही सोहरामऊ, भटपुरा और अजगैन क्षेत्र में संचालित होटलों में जमकर बिक्री की जा रही थी। इसकी शिकायतें भी पुलिस को मिलती थी लेकिन पुलिस उस पर कोई कार्रवाई नहीं करती थी। इसका परिणाम यह रहा कि दो परिवारों की खुशियां उजड़ गईं और तीसरा अभी भर्ती है।
एसओ सोहरामऊ बने कमल किशोर
सोहरामऊ थाने में मिलावटी शराब की बिक्री के बात उजागर होने के बाद एसओ सहित चार पुलिस कर्मियों को निलंबित किया गया है। एसपी ने उप निरीक्षक कमल किशोर दुबे पर भरोसा जताते हुए उन्हें एसओ बनाया है। अभी तक वह एसपी के पीआरओ थे।