यूपी के हरदोई जिले में बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कोरोकला में कच्ची दीवार ढहने से मलबे में दबकर भाई-बहन की मौत हो गई। घटना की जानकारी से परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण और परिजन एसडीएम को बुलाने की मांग पर अड़ गए। खबर लिखे जाने तक नायब तहसीलदार मौके पर लोगों को समझाने का प्रयास कर रहे थे।
बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र के ग्राम कोरोकला निवासी लाल मोहम्मद गुजरात में मजदूरी करता है। उसकी पत्नी तबस्सुम अपने तीन बच्चों शान (5), रुख्सार (4) और चांद मोहम्मद (2) के साथ गांव में ही रहती है। गांव में लाल मोहम्मद के घर के सामने ही रामदयाल का घर है। रविवार शाम लगभग साढ़े चार बजे लाल मोहम्मद के तीनों बच्चे गांव के कुछ अन्य बच्चों के साथ रामदयाल के घर के बाहर खेल रहे थे। इसी दौरान अचानक रामदयाल के घर की पश्चिमी दीवार ढह गई। इसके मलबे में रुख्सार और चांद मोहम्मद दब गए। वहां खेल रहे शान व अन्य बच्चों ने शोर मचाना शुरु किया तो ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।
जर्जर थी दीवार, कई बार हुई थी शिकायत
कच्ची दीवार का मलबा
- फोटो : अमर उजाला
मशक्कत कर ग्रामीणों ने मलबे को हटाकर चांद मोहम्मद और रुख्सार को निकाला, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। घटना की जानकारी ग्रामीणों ने यूपी 100 पर दी। साथ ही साथ प्रभारी निरीक्षक सुभाष चंद्र सरोज को भी घटना से अवगत कराया। इस पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस कर्मियों ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण व मृतकों के परिजन एसडीएम संडीला को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। खबर लिखे जाने तक संडीला के नायब तहसीलदार मौके पर पहुंच चुके थे, लेकिन ग्रामीण शवों को उठने देने के लिए तैयार नहीं थे।
ग्रामीणों ने बताया कि रामदयाल के घर की दीवार काफी जर्जर थी। बारिश के कारण इसके कभी भी ढहने की आशंका थी। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार संडीला तहसील, बेनीगंज कोतवाली में दीवार गिरवाने की मांग को लेकर प्रार्थनापत्र दिया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। हर बार यह बात सामने आती थी कि रामदयाल भी आर्थिक रूप से कमजोर है और वह दीवार का निर्माण कैसे कराएगा। रविवार को जब घटना हो गई तो लोग रामदयाल के प्रति भी आक्रोशित दिखे। लेकिन पुलिस ने स्थिति संभाल ली।