कानपुर देहात। मलासा ब्लॉक के बरौर की मड़ैया व अकबरपुर ब्लॉक के तिगाई गांव में रविवार को रैपिड किट से हुई जांच में महिला व युवक डेंगू पीड़ित पाए गए। एलाइजा टेस्ट के लिए दोनों के सैंपल कानपुर भेजे गए हैं।
वहीं डेंगू जैसे लक्षण पर अकबरपुर की एक किशोरी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। रविवार को जिले के अलग अलग सरकारी अस्पतालों में बुखार पीड़ित 32 नये मरीज मिले। इनमें से आठ को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
करीब पंद्रह दिन से कस्बों से लेकर गांवों तक बुखार कहर बरपा रहा है। इधर मलेरिया विभाग में कम कर्मियों के सहारे मच्छरों के नियंत्रण का इंतजाम नाकाफी साबित हो रहा है। सरकारी व निजी अस्पतालों में हर रोज बड़ी संख्या में बुखार पीड़ित मरीज पहुंच रहे हैं।
रूरा क्षेत्र के अजयपुर, पुखरायां क्षेत्र के सिथरा बुजुर्ग में बुखार का प्रकोप होने पर स्वास्थ्य टीमों ने गांव में दवा का छिड़काव कर मरीजों की जांच की। रविवार को रैपिड किट से कराई गई जांच में बरौर की मड़ैया निवासी गीता देवी व तिगाई गांव के विजय कुमार डेंगू पीड़ित पाए गए। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एलाइजा टेस्ट के लिए दोनों का सैंपल लेकर कानपुर भेजा।
बरौर की मड़ैया में स्वास्थ्य टीम ने 19 बुखार पीड़ितों को दवा दी। 12 मरीजों के खून का सैंपल लिया गया। यहां 102 घरों में मलेरिया विभाग की टीम ने सर्वे कर कीटनाशक का छिड़काव कराया। वहीं तिगाई गांव में 17 बुखार पीड़ितों को दवा दी गई।
यहां 50 लोगों के खून का सैंपल लिया गया। वहीं चांदापुर गांव के एक बुखार पीड़ित युवक को परिजनों ने नबीपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। मलेरिया विभाग की टीम ने यहां 106 घरों में लार्वा की जांच की और कीटनाशक का छिड़काव किया।
अकबरपुर के गौसिया मस्जिद वाली गली में पंद्रह वर्षीय शिफा को डेंगू जैसे लक्षण पर परिजनों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। रविवार को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में आए छह बुखार पीड़ितों को भर्ती किया गया। डेरापुर सीएचसी में बुखार के तीन मरीज आए इनका उपचार कर घर जाने दिया गया। वहीं रसूलाबाद सीएचसी में बुखार के दस मरीज पहुंचे। दो लोगों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। बता दें कि जिले में अब तक डेंगू व बुखार से 20 लोगों की मौत हो चुकी है।
डेंगू की जांच के लिए मंगवाईं 12 सौ किट
जिले में डेंगू की जांच के लिए 12 सौ रैपिड किट मंगवाई गई है। बुखार के प्रकोप वाले गांवों में प्रत्येक दिन इन किटों से जांच कराई जा रही है। रविवार को दो बुखार पीड़ित की रैपिड किट जांच धनात्मक पाई गई है।
एलाइजा जांच के लिए अब इनके खून का नमूना लेकर मेडिकल कॉलेज कानपुर भेजा गया है। मलेरिया विभाग की टीमें लगातार कीटनाशक का छिड़काव करा रही हैं। वहीं पानी का जमाव रोकने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
- डॉ. एपी वर्मा, जिला संक्रामक रोग प्रभारी
कानपुर देहात के जिला अस्पताल की इमरजेंसी में बुखार पीड़ित बच्चे का इलाज करते चिकित्सक। (संवाद)- फोटो : AKBARPUR