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Kanpur News: सीएसजेएमयू के दो शिक्षक किए गए बर्खास्त

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कानपुर। छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के दो शिक्षक डॉ. शाश्वत कटियार और डॉ. ममता सागर बर्खास्त कर दिए गए। यह कार्रवाई जांच समिति की रिपोर्ट पर हुई। डॉ. शाश्वत कटियार पर प्रश्न पत्र विवि के व्हाट्सएप ग्रुप में डालने और डॉ. ममता सागर पर बिना सूचना परीक्षा ड्यूटी से गायब होने के आरोप थे। कुलसचिव राकेश कुमार मिश्रा ने शनिवार को बर्खास्तगी का आदेश जारी कर दिया।
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कुल सचिव की ओर से जारी आदेश में बताया गया कि स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज एंड बायोटेक्नोलॉजी विभाग के सहायक आचार्य डॉ. शाश्वत कटियार ने एमएससी बायोकेमिस्ट्री द्वितीय सेमेस्टर में बायो इनरजेटिक्स एंड इंटरमीडियरी मेटाबोलिज्म विषय का प्रश्न पत्र विश्वविद्यालय के व्हॉट्सएप ग्रुप में साझा किया था। यह प्रश्न पत्र परीक्षा तिथि से पूर्व ग्रुप में शेयर किया गया। डॉ. कटियार को फौरी तौर पर निलंबित करके जांच समिति का गठन हुआ। जांच समिति ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता की श्रेणी में माना और सवाल उठाया कि डॉ. कटियार किसे अनुचित लाभ पहुंचाना चाहते थे? डॉ. कटियार ने जांच समिति के समक्ष अपने बयान में क्षमा याचना की। जांच समिति की आख्या के बाद उन्हें विश्वविद्यालय अनुशासन नियमावली के उल्लंघन का दोषी पाया गया और सेवाएं समाप्त कर दी गईं। विश्वविद्यालय के सभी अभिलेख और सामग्री जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं स्कूल आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के बायो इन्फोरमेट्रिक्स विभाग की सहायक आचार्य डॉ. ममता सागर दो मई को सेमेस्टर (सम) की द्वितीय पाली की परीक्षा ड्यूटी से गायब रहीं। परीक्षा ड्यूटी में अनुपस्थित रहने के कारण उन्हें निलंबित कर दिया और जांच समिति गठित कर दी गई। विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक समिति की रिपोर्ट में डॉ. सागर ने विभाग को कोई सूचना नहीं दी और न ही अवकाश के लिए विवि प्रबंधन को कोई पत्र दिया था। उस दौरान वह शहर से बाहर थीं। परीक्षाओं की वजह से कुलपति प्रो. विनय पाठक ने उन दिनों छुट्टियों पर रोक लगा रखी थी। जांच समिति की आख्या में कहा गया कि कुलपति के आदेश की अवहेलना की गई। उसके बाद नौ मई की प्रथम पाली की परीक्षा में डॉ. सागर ने एनवायरनमेंटल नैनो टेक्नोलॉजी का प्रश्न पत्र परीक्षा शुरू होने के तय समय से 40 मिनट बाद भी उपलब्ध नहीं कराया जिससे अधिष्ठाता अकादमिक को नवीन प्रश्न पत्र निर्गत कर परीक्षा करानी पड़ी। परीक्षा का समय सुबह 10 बजे से था और परीक्षा 11 बजे से शुरू हो पाई। कायदे से प्रश्न पत्र उन्हें परीक्षा शुरू होने के 30 मिनट पहले विभाग की परीक्षा समिति को सौंपना चाहिए था। परीक्षा कार्य में उदासीनता और कुलपति के आदेश की अवहेलना के दोष में उनकी सेवा समाप्त कर दी गई।

विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से गठित जांच समिति की रिपोर्ट और आरोपी शिक्षकों के बयान के बाद बर्खास्तगी की कार्रवाई हुई है। दोनों शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश जारी हुआ है।
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- राकेश कुमार मिश्रा, कुलसचिव सीएसजेएमयू
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