कानपुर देहात। बिना अनुमति जुलूस निकालकर निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने के आरोप में समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष अरुण कुमार उर्फ बबलू समेत 25 नामजद और करीब 200 अज्ञात कार्यकर्ताओं के खिलाफ अकबरपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान सड़क जाम होने से आम लोगों के साथ ही एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहनों का आवागमन भी प्रभावित हुआ।
लालपुर चौकी प्रभारी धर्मेंद्र सिंह ने अकबरपुर थाने में तहरीर दी। बताया कि 11 जून को सपा कार्यकर्ता माती स्थित पार्टी कार्यालय से जिलाधिकारी कार्यालय तक जुलूस निकालते हुए पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस के बढ़ते दाम, नीट परीक्षा और बिजली बिल वृद्धि समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने बिना अनुमति जुलूस निकालकर सरकार विरोधी नारेबाजी की और सड़क घेरकर यातायात बाधित किया। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया लेकिन वे नहीं माने।आरोप है कि जिलाधिकारी कार्यालय के घेराव की कोशिश के दौरान पुलिस बल के रोकने पर कुछ कार्यकर्ताओं ने धक्का-मुक्की भी की। उस समय जनपद में धारा 163 बीएनएसएस लागू थी। शिकायत पर पुलिस ने सपा जिलाध्यक्ष अरुण कुमार उर्फ बबलू के अलावा संतोष त्रिपाठी, पूर्व जिलाध्यक्ष वीरसेन यादव, राम सिंह यादव, हाजी फैजान खान, हिमांशु यादव, सौरभ पठान, समरथ पाल, निर्देश यादव, नरेंद्र पाल सिंह उर्फ मनु, मनोज यादव, आलोक रत्न यादव, हिम्मत सिंह यादव, नीरज सिंह गौर, पवन यादव, शैलेंद्र यादव, कासिफ खान, वीरू कुशवाह, सुरेश यादव, ओमप्रकाश उर्फ बंटे पाल, हाजी अकील खान, शेखू खान, पुष्पेंद्र यादव, कुलवीर संखवार और रामऔतार यादव को नामजद किया गया है। साथ ही करीब 200 अज्ञात कार्यकर्ताओं को भी आरोपी बनाया गया है।
थानाध्यक्ष हरमीत सिंह ने बताया कि प्रदर्शनकारियों द्वारा निषेधाज्ञा के बावजूद विधि-विरुद्ध जमावड़ा किया गया तथा सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और शांति व्यवस्था प्रभावित करने का प्रयास किया गया। इस पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।..........................
बयान....पहले आठ जून को धरना और ज्ञापन देने की तिथि रखी गई थी। पुलिस भर्ती परीक्षा के चलते पार्टी ने 11 जून को धरना करने का निर्णय लिया। इसकी सूचना दो बार जिलाधिकारी कार्यालय को दी थी। पुलिस अधिकारियों ने पहले जानकारी भी ली थी। पार्टी कार्यालय में पहुंचने पर पुलिस साथ लेकर ज्ञापन दिलाने गई थी। ज्ञापन देने के बाद कार्यकर्ता शांति पूर्वक लौट गए थे। सत्ता के इशारे पर कार्रवाई की गई है। - अरुण यादव बबलू, जिलाध्यक्ष सपा