कोरोना महामारी में कालाबाजारी करने वालों पर पुलिस का शिकंजा जारी है। क्राइम ब्रांच की टीम ने ग्राहक बनकर स्टिंग किया और दो मेडिकल कारोबारियों को कालाबाजारी करते रंगेहाथों दबोच लिया। आरोपी ऑक्सीमीटर दो से तीन हजार और ऑक्सीजन फ्लो मीटर पांच से छह हजार रुपये में बेच रहे थे।
इसके अलावा पुलिस ने तमाम मेडिकल किट भी बरामद की है, जिसको आरोपी तीन से पांच गुने दामों तक बेचते थे। आरोपियों पर गैंगस्टर और एनएसए की भी कार्रवाई होगी। डीसीपी क्राइम सलमान ताज पाटिल ने बताया कि इनपुट मिला था कि कोतवाली क्षेत्र के कुछ लोग मेडिकल उपकरणों की कालाबाजारी कर रहे हैं।
इसी के तहत क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर दिनेश यादव को लगाया गया है। टीम को मिले एक मोबाइल नंबर पर पुलिस अधिकारियों ने संपर्क किया। ऑक्सीजन फ्लो मीटर को खरीदने का सौदा किया। सौदा 4800 रुपये में तय हुआ। एक युवक चुन्नीगंज चौराहे पर फ्लो मीटर देने पहुंचा।
पुलिस ने तत्काल उसको दबोच लिया। पूछताछ में पता चला कि पकड़ा गया युवक गिलिश बाजार निवासी राकेश मेहरा है। उसकी खत्री सर्जिकल के नाम से उसकी दुकान है। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने बिरहाना रोड निवासी आशीष उर्फ सोनू गुप्ता को दबोचा। दोनों के पास से मेडिकल उपकरण बरामद हुए।
ऐसे काम कर रहा था गिरोह
एसीपी कर्नलगंज त्रिपुरारी पांडेय ने बताया कि आशीष मेडिकल के उपकरणों का थोक का काम करता है। वो करीब दो गुने दामों पर उपकरण राकेश को बेचता था। उसके बाद राकेश तीन से पांच गुने दामों पर इन्हीं उपकरणों को जरूरतमंदों को बेचता था। पिछले 20 दिनों से दोनों ये कालाबाजारी कर रहे थे। राकेश ने बहुत माल दुकान में भी डंप कर रखा था। आरोपियों के पास से 250 ऑक्सीमीटर, 98 ऑक्सीजन फ्लो मीटर, 226 डिजिटल थर्मोमीटर 34 थर्मोमीटर, 875 कोविड टेस्ट कार्ड और चार ऑक्सीजन मास्क बरामद हुए।