Kanpur News: मामले में अतर सिंह, गुलाब सिंह और फूल सिंह के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट भेजी गई थी। अभियोजन की ओर से पांच गवाह कोर्ट में पेश किए गए। मुकदमे की सुनवाई के दौरान फूल सिंह की मौत हो गई। सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने अतर सिंह और गुलाब सिंह को सजा सुनाई।
कानपुर में बेची जा चुकी जमीन को धोखाधड़ी कर दोबारा बेचने के लिए बयाना ले लेने वाले दो भाइयों को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम आशीष कुमार सिंह ने चार-चार साल कैद और एक-एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट का फैसला 21 साल बाद आ सका है। इस दौरान एक अभियुक्त की मौत भी हो चुकी है। हेमंत गुप्ता, उनकी मां सुधा व भाई रोहित ने संयुक्त रूप से एक जमीन महाराजपुर थाना के चांदनपुर निवासी अतर सिंह, फूल सिंह और गुलाब सिंह से 22,400 रुपये में खरीदी। रजिस्ट्री 18 फरवरी 1989 को रजिस्ट्रार कार्यालय में हुई।
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इसके बाद साजिश के तहत अतर सिंह, फूल सिंह और गुलाब सिंह ने सुखदेव सिंह को अपना मुख्तारआम बनाकर बिकी हुई जमीन को दोबारा बेचने के लिए सरिता जायसवाल और श्रवण जायसवाल से 96 हजार रुपये में सौदा तय कर लिया। 22 फरवरी 2003 को इकरारनामा करके 15 हजार रुपये बयाना भी ले लिया। मामले की जानकारी होने पर हेमंत गुप्ता ने कोर्ट के माध्यम से 30 जनवरी 2004 को कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई थी। मामले में अतर सिंह, गुलाब सिंह और फूल सिंह के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट भेजी गई थी। अभियोजन की ओर से पांच गवाह कोर्ट में पेश किए गए। मुकदमे की सुनवाई के दौरान फूल सिंह की मौत हो गई। सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने अतर सिंह और गुलाब सिंह को सजा सुनाई।