इटावा। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अंकुर शर्मा ने एक व्यक्ति के सिर पर कुल्हाड़ी मारकर घायल करने के दस साल पुराने मामले में दो भाइयों को दोषी पाया। दोनों को पांच-पांच साल की सजा सुनाई है। 12- 12 हजार रुपया का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर उन्हें तीन-तीन माह का अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
सिविल लाइन थाना क्षेत्र के गांव जसोहन बगिया निवासी अमित कुमार ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया कि 13 सितंबर 2014 को शाम करीब चार बजे उसकी बहन अर्चना नल पर पानी भर रही थी। तभी पड़ोस में रहने वाले गोरे लाल ने अपने पुत्रों सतीश व धर्मेंद्र के साथ गाली-गलौज की थी। जब उसके ताऊ राजवीर सिंह ने गाली-गलौज का विरोध किया तो इसी बात को लेकर सतीश व धर्मेंद्र ने उसके ताऊ के सिर में कुल्हाड़ी से वार कर दिया। इससे वह बेहोश होकर गिर पडे़ थे। उन्हें गंभीर चोटें आई थीं।
जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया तो डाॅक्टरों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए आगरा रेफर कर दिया। तहरीर के आधार पर पुलिस ने सतीश व धर्मेंद्र के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। छानबीन के बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में पेश कर दिए। सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की कोर्ट में हुई। पेश किए साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर कोर्ट ने सतीश व धर्मेंद्र को दोषी पाया।