फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

टिकट पाने के लिए दो भाइयों में 'महाभारत'

Mon, 09 Jan 2017 06:20 PM IST
चंद्रपाल सिंह सेंगर, अमर उजाला, कानपुर

सार

भाजपा से मेजर सुनीलदत्त और प्रांशुदत्त कर रहे जोर-आजमाइश
विज्ञापन
डेमो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

फर्रुखाबाद की सदर विधानसभा सीट से भाजपा का टिकट पाने के लिए भाई-भाई में महाभारत छिड़ी है। वैसे इस विधानसभा क्षेत्र से टिकट के लिए तीन लोगों ने दावा किया है। टिकट की सक्रियता को लेकर पार्टी हाईकमान भी पशोपेश में पड़ा है।
विज्ञापन


मेजर सुनीलदत्त द्विवेदी इस विधानसभा क्षेत्र से टिकट पाने के लिए पूरी तरह से सक्रिय हैं। वह भाजपा में अपनी पिता और माता की भूमिका को लेकर टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। स्व. ब्रह्मदत्त द्विवेदी इस विधानसभा क्षेत्र से 1977 में जनता पार्टी और 1985, 1991, 1993 और 1996 में भारतीय जनता पार्टी से विधायक रहे। इस बार वह ऊर्जा मंत्री के पद पर विराजमान रहे।

ब्रह्मदत्त द्विवेदी की हत्या के बाद वर्ष 1997 में मेजर सुनीलदत्त द्विवेदी की मां स्व. प्रभा द्विवेदी भारी बहुमत से जीतकर विधायक बनीं। उन्हें प्रौद्योगिक शिक्षा मंत्री बनाया गया। मेजर सुनीलदत्त द्विवेदी ने राजनीति में अपने पिता के मरने के बाद पहली बार वर्ष 1997 में कदम रखा। इस समय वह सैनिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए। 2007 में मेजर सुनीलदत्त द्विवेदी ने भारतीय जनता पार्टी से चुनाव लड़ा और 2012 में वह करीबन 150 वोटों से चुनाव हार गए। इस बार वह टिकट पाने के लिए हाईकमान से पुरजोर मांग कर रहे हैं। 
विज्ञापन


दूसरी तरफ प्रांशुदत्त द्विवेदी मेजर सुनीलदत्त द्विवेदी के चचेरे भाई हैं। वह भी इस चुनाव में टिकट की दावेदारी को लेकर हाईकमान से संपर्क साधे हैं। दोनों भाइयों के भाजपा से टिकट की दावेदारी को लेकर महाभारत की तरह चुनाव लड़ने के लिए लड़ाई शुरू है। प्रांशुदत्त द्विवेदी वर्ष 2000 में छात्र राजनीति में आए। 2002 में युवा नगर उपाध्यक्ष भाजपा से बनाए गए। 2004 में जिला उपाध्यक्ष और 2005 में भाजयुमो जिलाध्यक्ष और 2008 में कमल क्लब के प्रदेश संयोजक बनाए गए।

वर्ष 2011 में उन्हें भाजयुमो का प्रदेश मंत्री और 2013 में भाजयुमो का राष्ट्रीय मंत्री बनाया गया। वह भाजपा के हाईकमान को अपनी ताकत और सक्रियता दिखाकर टिकट मांग रहे हैं। इस विधानसभा क्षेत्र से कायमगंज की मिथलेश अग्रवाल ने भी टिकट को लेकर जोर-आजमाइश शुरू कर दी है। मिथलेश अग्रवाल ने वर्ष 1995 में कायमगंज पालिकाध्यक्ष का पहला चुनाव जीता। इसके बाद वह लगातार 2006 तक पालिकाध्यक्ष बनती रहीं। 2007 में उन्होंने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।

वर्ष 2009 में प्रदेश में हुए लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी से लोकसभा चुनाव लड़ा। इस समय वह प्रदेश कार्यसमिति की सदस्य हैं। वह अपनी ईमानदारी और पार्टी के प्रति निष्ठा दिखाकर टिकट पाने की जुगत में हाईकमान से संपर्क साधे हैं। कुल मिलाकर भाजपा में सदर विधानसभा से टिकट के लिए घमासान मचा हुआ है। इस संबंध में जिलाध्यक्ष सत्यपाल सिंह का कहना है कि इन तीनों प्रत्याशियों ने टिकट पाने के लिए दावेदारी की है। यह तो हाईकमान तय करेगा कि किसे प्रत्याशी बनाया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें