ग्रामीणों और गोताखोरों ने बडे भाई को बचाया
स्नान करते समय प्रशांत तिवारी और उसका बड़ा भाई मुकुल तिवारी डूबने लगे। इसमें घाट पर मौजूद लोगों की मदद से मुकुल तिवारी को डूबने से बचा लिया गया, लेकिन छोटा भाई प्रशांत तिवारी गहरे जल में समा गया। गोताखोरों ने आनन-फानन में उसे बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मृत्यु हो चुकी थी।
खेरेश्वर सरैया घाट बना डेथ पॉइंट
इस घाट पर स्नान करने आए 12 दिनों में पांच लोगों की डूब कर मृत्यु हो चुकी है। 19 मार्च को रामनगर मन्धना निवासी मयंक तिवारी और ठीक दूसरे दिन 20 मार्च को अंत्येष्टि में आए जगनपुर रूरा निवासी रामजी पांडे और 24 मार्च को कस्बे के लक्ष्य बाजपेई उर्फ दीप व उसके साथी श्लोक अवस्थी की एक साथ डूब कर मृत्यु हो चुकी है। इतनी घटनाएं हो जाने के बाद भी स्नान करने वाले भक्त जागरूक नहीं हो सके। अपनी जान जोखिम में डालकर गहरे जल में स्नान करने के लिए उत्सुक रहते हैं।