जसवंतनर। निलोई गांव में तीन घंटे के अंतराल में दो सगे भाइयों की मौत हो गई। सोमवार शाम को एक साथ दोनों भाइयों की अर्थियां उठी तो मां समेत परिजनों को रोता-बिखलता देख हर आंख नम हो गई। बड़े भाई ने हरदोई में ट्रेन के सामने कूदकर जान दे दी। छोटे भाई की क्षेत्र की नहर में डूबने से मौत हो गई।
रविवार का दिन निलोई गांव के रामप्रकाश जाटव के परिवार के लिए काल बनकर आया। तीन घंटों में दो जवान बेटों की मौत ने घर की खुशियां उजाड़ दी। रविवार दोपहर करीब तीन बजे सत्यवीर (24) भीषण गर्मी में दोस्तों के साथ सिरहोल पुल के पास नहर में नहाने गया था। इस दौरान सत्यवीर गहरे पानी में चला गया और तेज बहाव में बहने लगा। दोस्तों ने शोर मचाया, उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन वह पलक झपकते ही लापता हो गया।
सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे। रात भर परिजन नहर के किनारे उम्मीद लगाए बैठे रहे। मां बार-बार बेहोश हो रही थी। सोमवार सुबह थाना प्रभारी निरीक्षक राम सहाय ने गोताखोरों की टीम के साथ सर्च अभियान चलवाया। आखिरकार ग्राम जगसौरा नहर पुल के पास सत्यवीर का शव बरामद किया गया।
वहीं, छोटे भाई के नहर में डूबने की खबर पाते ही बड़े भाई इंद्रजीत (28) जो हरदोई में सिपाही पद तैनात है। वह छुट्टी लेकर घर लौटने के लिए ट्रेन से रविवार की शाम छह बजे संडीला रेलवे स्टेशन पर पहुंचा। तभी भाई की मौत की सूचना पाकर वह भी ट्रेन के आगे कूद गया। इससे उसकी मौके पर ही भी मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शव सोमवार दोपहर में घर पहुंचे। इससे परिजन, रिश्तेदार, पड़ोसी व ग्रामीणों की भीड़ लग गई। परिजनों को रोता देख वहां खड़े हर शख्स ही आंख नम हो गई। मां दोनों बेटों के शवों को देखकर बेसुध हो रही थी। परिजनों व रिश्तेदारों ने उन्हें संभाला। सोमवार शाम तीन बजे दोनों की एक साथ अर्थियां उठीं तो चीख-पुकार मच गई।
निलोई निवासी रामप्रकाश यूपी पुलिस में सिपाही थी। उनके सात बेटे थे। इसमें राजीव (35), रणजीत (32), संजीव (30), इंद्रजीत (28), सत्यवीर (24), जयवीर (22) व विकास (20) थे। 2017 में रामप्रकाश को कैंसर हो गया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। उनकी मौत के बाद इंद्रजीत को सिपाही पद पर भर्ती हो गया था। रविवार को हादसे में उसकी भी मौत हो गई।