हमीरपुर। रोडवेज डिपो की बस को रोककर लूट व मारपीट करने के 10 साल पुराने मामले में विशेष न्यायाधीश डकैती कोर्ट अनिल कुमार खरवार की अदालत ने फैसला सुनाया। कोर्ट ने दोषी दीपू सिंह व सूर्यप्रकाश विश्वकर्मा को सात-सात साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक पर छह हजार का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
जनपद कानपुर नगर के चकेरी थानाक्षेत्र के शिवकटरा निवासी राठ रोडवेज डिपो के परिचालक गौरीशंकर ने ललपुरा पुलिस को तहरीर दी थी। बताया था कि छह जुलाई 2015 को दोपहर 3:30 बजे बस लेकर कानपुर जा रहा था। धनौरी गांव निवासी चालक नाथूराम बस को चला रहा था। शाम करीब साढ़े छह बजे जैसे ही वह थानाक्षेत्र के उजनेड़ी गांव के पास पहुंचे कि कुछ लोगों ने बस को रुकवाया तो चालक ने गाड़ी रोक दी और वह लोग बस में चढ़ गए और अचानक उससे मारपीट करने लगे।
तीसरे आरोपी ने उससे कैश से भरा बैग छीनकर भाग निकला। बैग में करीब 12,000 रुपये थे। इसमें कुछ सवारियों के पैसे भी वापस करने थे। इसमें चालक ने दो लोगों को पहचान लिया। इनमें उजनेड़ी गांव निवासी दीपू सिंह व सूर्यप्रकाश विश्वकर्मा थे। तीनों आरोपी उजनेड़ी के ही थे। पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कोर्ट में आरोप पत्र पेश किया था। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने बुधवार को दोनों दोषियों को सजा सुनाई है।