कानपुर आईआईटी और प्रसार भारती मिलकर नेक्स्ट जनरेशन ब्रॉड कास्टिंग टेक्नोलॉजी पर काम करेंगे। एक ऐसी ब्रॉडकॉस्टिंग तकनीक बनाएंगे जिससे लोग बगैर इंटरनेट के मोबाइल पर टीवी चैनल देख सकेंगे।
आईआईटी में नेक्स्ट जेनरेशन ब्रॉडकास्टिंग टेक्नोलॉजी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापना की जाएगी। निदेशक प्रो. अभय करंदीकर ने बताया कि लोग अब मोबाइल, टैबलेट का उपयोग बहुत करने लगे हैं। फिल्म, सीरियल, न्यूज चैनल को देखने के लिए रोजाना काफी डाटा खर्च होता है।
ऐसे में दर्शकों का डाटा खर्च न हो और उनको टीवी चैनल भी दिखते रहे, इसके लिए तकनीक विकसित की जा रही है। प्रसार भारती आर्थिक सहयोग करेगा। प्रसार भारती के सीईओ शशि शेखर वेम्पति ने बताया कि मेक इन इंडिया के तहत यह कार्य किया जाएगा।
एक ऐसा कॉमन ब्रॉडकॉस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा ताकि ऑडियो और वीडियो ब्रॉडकॉस्ट कटेंट सीधे मोबाइल पर जा सकें। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में डायरेक्ट टू मोबाइल ब्रॉडकॉस्टिंग, कन्वर्जेंस विद 5जी, ऑटोमेटिक स्पीच रिकॉग्नाइजेशन फॉर स्पीच सबटाइटल और ऑडियो और टेक्स्ट क्वेरी पर काम किया जाएगा।