कानपुर। बिल्हौर के ग्राम पलिया बुजुर्ग में आकाशीय बिजली की चपेट में आकर जान गंवाने वाले सरोज कुमार (34) की पत्नी पूजा को
प्रशासन ने दैवीय आपदा योजना के तहत 24 घंटे में चार लाख रुपये की सहायता दिलवाई।
इसी तरह जिले के अन्य ब्लाॅकों में अग्निकांड, सर्पदंश और आंधी-तूफान जैसी घटनाओं में जान गंवाने वाले 107 परिवारों को 4.28 करोड़ रुपये की सहायता राशि मिली।
सरकार दैवीय आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को सहायता राशि देती है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में जिले में 71 जनहानि मामलों में 2.84 करोड़ रुपये की सहायता दी गई थी। 2023-24 में 41 मामलों में 1.64 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया था। वहीं इस वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 107 मामलों में 4.28 करोड़ रुपये की सहायता राशि दी जा चुकी है। सबसे अधिक 63 मौतें डूबने से हुईं, अग्निकांड में 14, सर्पदंश में नौ, अतिवृष्टि में आठ, आंधी-तूफान में छह, आकाशीय बिजली से छह और वन्य जीव के आघात से एक की मृत्यु हुई। तीन वर्षों में यह आंकड़ा न केवल बढ़ा है बल्कि भुगतान की समय सीमा भी तय हो सकी है। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि दैवीय आपदा के मामलों में प्रयास रहता है कि 24 घंटे में परिजन को सहायता राशि पहुंचाई जाए। ऐसे मामले अधिकारी स्तर पर लंबित नहीं रहेंगे।