महोबा ऊदल चौक में रहने वाले युवक ने सिपाही के उत्पीड़न से परेशान होकर जान देने का प्रयास किया। युवक ने पहले एक पत्र लिखा और बाद में हाथ में ब्लेड से हाथ पर कई वार किए। जिससे वह घायल हो गया। अचानक पहुंचे मित्र ने उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया।
पीड़ित का आरोप है कि सिपाही उसे प्रताड़ित कर रहा है और 25 हजार रुपये की मांग की जा रही है। मानसिक रूप से परेशान होकर उसने यह कदम उठाया। शहर के मोहल्ला ऊदलचौक निवासी अंशु पुरवार (26) पुत्र राजाराम पुरवार पर शहर कोतवाली में जानलेवा हमला समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।
सात माह पहले उसे जिला बदर अपराधी घोषित कर दिया गया था। युवक का आरोप है कि बजरिया चौकी में तैनात एक सिपाही द्वारा उससे दस हजार रुपये यह कहकर लिए गए कि जिले में रहने के बाद भी उसे पुलिस नहीं पकड़ेगी लेकिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
12 सितंबर को वह जेल से छूटकर आया था। तब से सिपाही द्वारा लगातार 25 हजार रुपये की मांग की जा रही है और घर आने-जाने के दौरान रास्ते में रोककर परेशान किया जा रहा है। सुबह-शाम मोबाइल में फोन आने से वह मानसिक रूप से परेशान था।
रविवार की दोपहर अंशु ने कमरे में पहले अपने हाथ से एक पत्र लिखा। जिसमें उसने पुलिस द्वारा फर्जी मुकदमे लगाकर अपराधी बना दिए जाने और सिपाही के उत्पीड़न से परेशान होकर जहर खाकर जान देने की बात लिखी। इसके बाद युवक ने धारदार ब्लेड से अपने हाथ में कई वार कर लिए।
एक दर्जन से अधिक स्थानों पर ब्लेड मारे जाने से युवक का हाथ लहूलुहान हो गया। तभी अचानक उसका मित्र कमरे में पहुंच गया और अंशु को इस हालत में देख जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां उपचार के बाद उसकी छुट्टी कर दी गई। पुलिस अधीक्षक स्वामीनाथ का कहना है कि उनके पास अभी तक कोई सूचना नहीं है। यदि पीड़ित शिकायती पत्र देता है तो जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।