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'मां मैं पढ़ता था लेकिन लगता है मेरी किस्मत में नौकरी नहीं थी मुझे माफ करना’ लिख फांसी पर झूला छात्र

Sun, 06 Oct 2019 09:00 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, बांदा
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यूपी पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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‘मां जी मैं पढ़ता था, लेकिन लगता है मेरी किस्मत में नौकरी नहीं थी, मुझे माफ करना’, इस इबारत का सुसाइड लेटर लिखने के बाद बीएड के एक छात्र ने शनिवार की देररात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह शहर कोतवाली क्षेत्र के जरैली कोठी मोहल्ले में किराए का कमरा लेकर पढ़ाई कर रहा था।
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पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में ले लिया है। मरका थाना क्षेत्र के सांड़ा गांव निवासी किसान सुरेंद्र सिंह का 25 वर्षीय बेटा नागेंद्र सिंह बबेरू स्थित एक महाविद्यालय में बीएड प्रथम वर्ष का छात्र था। करीब पांच साल से बांदा शहर में किराए के कमरे में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था।

 
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पिता सुरेंद्र ने बताया कि बेटा कई साल से नौकरी के लिए प्रयासरत था। कई विभागों में आवेदन किए और परीक्षाएं दीं, पर सफल नहीं हुआ, जिससेे वह काफी परेशान रहता था। शनिवार की देररात नागेंद्र ने कमरे की छत पर रस्सी बांधकर फांसी लगा ली।

रविवार सुबह देर तक दरवाजा न खुलने पर मकान मालिक ने खिड़की से झांका तो शव लटक रहा था। मकान मालिक की सूचना शहर कोतवाली पुलिस पहुंची। सूचना पर पिता समेत अन्य परिजन भी पहुंचे।

कमरे की जांच पड़ताल के दौरान नागेंद्र के बिस्तर पर सुसाइड नोट बरामद हुआ। सिविल लाइन चौकी प्रभारी प्रमोद सिंह ने बताया कि सुसाइड नोट में आत्महत्या करने की वजह नौकरी न मिलना लिखा है। बताया कि सुसाइड लेटर को जांच के लिए भेजा गया है।
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