‘मां जी मैं पढ़ता था, लेकिन लगता है मेरी किस्मत में नौकरी नहीं थी, मुझे माफ करना’, इस इबारत का सुसाइड लेटर लिखने के बाद बीएड के एक छात्र ने शनिवार की देररात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह शहर कोतवाली क्षेत्र के जरैली कोठी मोहल्ले में किराए का कमरा लेकर पढ़ाई कर रहा था।
पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में ले लिया है। मरका थाना क्षेत्र के सांड़ा गांव निवासी किसान सुरेंद्र सिंह का 25 वर्षीय बेटा नागेंद्र सिंह बबेरू स्थित एक महाविद्यालय में बीएड प्रथम वर्ष का छात्र था। करीब पांच साल से बांदा शहर में किराए के कमरे में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था।