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कनाडा के राबर्ट बोले, इंडियन नमस्ते सेफ

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हरिहरपुर गांव में दोस्त कर्ण सिंह के साथ राबर्ट ग्रेटिन। - फोटो : AKBARPUR
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कानपुर देहात। भारत भ्रमण पर निकले कनाडा के टोरंटो निवासी आईटी इंजीनियर राबर्ट ग्रेटिन कोरोना फैलने पर लॉकडाउन के कारण पिछले सवा माह से अपने दोस्त के यहां सिकंदरा हरिहरपुर में फंसे हैं। इस दौरान वह देश के ग्रामीण परिवेश से रूबरू हुए। वह यहां के लोगों की तारीफ करते नहीं थकते। कहते हैं कि इस देश में कोरोना से बचाव के बेहतर बंदोबस्त किए गए हैं। कोरोना से बचाव में इंडिया का नमस्ते बेस्ट साबित हुआ है। वह लोगों से मिलने पर हाथ जोड़कर नमस्ते बोलते हैं। कहते हैं कि यहां के खाने में मिलने वाली दाल, हरी सब्जियां काफी बेहतर हैं।
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कनाडा के टोरंटो निवासी आईटी इंजीनियर राबर्ट ग्रेटिन भारत की संस्कृति से काफी प्रभावित हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से उनकी दोस्ती बनारस के रेस्टोरेंट संचालक अभिषेक से हो गई थी। वह 22 अक्टूबर 2019 को भारत भ्रमण पर आए। कपिलवस्तु, लुंबनी, सारनाथ, वैशाली, बोधगया, बनारस घूमने के बाद दिल्ली जाने की तैयारी में थे। गांव देखने की इच्छा पर वह अभिषेक के दोस्त सिकंदरा के हरिहरपुर निवासी कर्ण सिंह के यहां 24 मार्च को पहुंच गए।
उसके दूसरे दिन ही कोरोना वायरस के कारण पूरे देश में लॉकडाउन हो गया। तब से वह हरिहरपुर में ही रुके हैं। राबर्ट ग्रेटिन ने बताया कि वह ज्यादा हिंदी बोलना नहीं जानते थे, लेकिन सवा पांच माह रहकर उन्होंने काफी हिंदी सीख ली है। भारत के ग्रामीण परिवेश से काफी प्रभावित हैं। साथ ही खाने में मिलने वाली दाल-रोटी व हरी सब्जियों की जमकर तारीफ करते हैं। राबर्ट ने बताया कि वह भारत के बारे मेें कनाडा जाकर लोगों को बताएंगे। उनके वीजा की अवधि 19 मई तक है। इसलिए दूतावास को जानकारी दी है। उन्हें जल्द मदद का आश्वासन दिया गया है।
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